Aliens Existence: क्या एलियन सच में होते हैं? यह सवाल सदियों से इंसानों को हैरान करता रहा है. हाल ही में अमेरिका के पूर्व प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने कहा कि धरती के बाहर जीवन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी एजेंसियों को यूएफओ और अंजान हवाई घटनाओं से जुड़ी फाइलों की पहचान करने और उन्हें जारी करने के निर्देश दे दिए हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर कब-कब एलियंस की मौजूदगी के सबूत मिले हैं.
शुरुआती यूएफओ देखे जाने से दुनिया भर में उत्सुकता
सबसे पहले रिपोर्ट की गई यूएफओ घटनाओं में से एक 1947 में हुई थी. उस वक्त पायलट केनेथ अर्नोल्ड ने दावा किया था कि उन्होंने वाशिंगटन में माउंट रेनियर के पास नौ चमकीली चीजें उड़ती हुई देखीं थी. उनके इस विवरण से मशहूर शब्द फ्लाइंग सॉसर बना. उसी साल रोसवेल घटना ने दुनिया भर में अटकलों को हवा दी थी. न्यू मैक्सिको में मिले रहस्यमयी मलबे से एलियन स्पेसक्राफ्ट की अफवाह फैली. बाद में अमेरिकी सेना ने कहा कि मलबा एक वेदर बैलून का था लेकिन कॉन्सपिरेसी थ्योरी आज भी बनी हुई है.
किडनैपिंग के दावे
1957 मेड टैक्सास में लेवललैंड लाइट्स केस में आसमान में अजीब रोशनी की कई रिपोर्टें आई. कुछ गवाहों ने ऐसा दावा किया कि उनकी कार के इंजन बंद हो गए थे. बाद में इन्वेस्टिगेटर्स ने कहा कि यह घटना बॉल लाइटिंग हो सकती है. 1966 में बेट्टी और बार्नी हिल ने दावा किया कि उन्हें एलियंस ने किडनैप कर लिया था. उनकी कहानी यूएफओ की कहानियों का हिस्सा बनी हुए हैं हालांकि किसी भी साइंटिफिक सबूत ने उनके दावों की पुष्टि नहीं की.

मॉडर्न साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन
बीते कुछ सालों में एलियंस पर जीवन की खोज दिखने से साइंटिफिक एनालिसिस में बदल गई है. जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने 2025 में एक्सोप्लैनेट k2-18b के एटमॉस्फियर में डाइमिथाइल सल्फाइड के निशान पाए. पृथ्वी पर डाइमिथाइल सल्फाइड मुख्य रूप से समुद्री माइक्रोऑर्गेनाइज्म से बनता है. यह दिलचस्प होने के बावजूद साइंटिफिक चेतावनी भी देता है कि यह जीवन का पक्का सबूत नहीं है. इस बीच यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस की 2024 की पेंटागन रिपोर्ट में 757 यूएफओ देखे जाने का रिव्यू किया गया. ज्यादातर मामलों का कारण गुब्बारे, ड्रोन, पक्षी या एटमॉस्फेरिक घटनाएं थीं.
31/ एटलस का रहस्य
2025 में एस्टॉनोमर्स ने 31/एटलस नाम का एक अजीब एक्स्ट्रासोलर ऑब्जेक्ट देखा. इसकी अजीब हरकत और गैस निकलने से अंदाजा लगाया गया कि यह आर्टिफिशियल या टेक्नोलॉजिकल हो सकता है.
तो क्या एलियंस होते हैं?
साइंटिफिक तौर पर कहें तो अभी एलियन जीवन का कोई पक्का सबूत नहीं है. किसी भी स्पेसक्राफ्ट, बायोलॉजिकल सैंपल या वेरीफाइड सिग्नल में एलियंस के होने को साबित नहीं किया है.
