इस साल मौसम ने जल्दी ही करवट ले ली है. फरवरी खत्म होने से पहले ही दोपहर में गर्माहट महसूस होने लगी है. ऐसे में आने वाले दिनों में एयर कंडीशनर चलाना मजबूरी बन सकता है. लेकिन कई लोग महीनों बाद सीधे AC का स्विच ऑन कर देते हैं जो आगे चलकर भारी खर्च का कारण बन सकता है. सीजन की शुरुआत में थोड़ी सावधानी आपको बड़ी मरम्मत से बचा सकती है.
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लंबे समय तक बंद रहने से AC के अंदर धूल और नमी जमा हो जाती है. इसलिए पहली बार चलाने से पहले उसकी सर्विस कराना समझदारी है. अगर तकनीशियन से पूरी सर्विस तुरंत संभव न हो तो कम से कम फिल्टर साफ कर लें. गंदा फिल्टर कूलिंग कम कर देता है और बिजली की खपत बढ़ा देता है.
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घर पर हल्की सफाई के दौरान फिल्टर धो सकते हैं, कॉइल पर जमी धूल को नरम ब्रश से हटा सकते हैं और विंडो AC या स्प्लिट AC के आउटडोर हिस्से पर जमी गंदगी को पानी की तेज धार से साफ किया जा सकता है.
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स्प्लिट AC में आउटडोर यूनिट की जाली पर धूल जम जाना आम बात है. यह रुकावट कूलिंग पर असर डालती है और मशीन पर अतिरिक्त दबाव डालती है. जाली को साफ कर लें और यह भी देख लें कि यूनिट के आसपास पर्याप्त खाली जगह हो ताकि हवा का प्रवाह सही बना रहे. AC चालू करने के बाद ध्यान दें कि कहीं कंप्रेसर या फैन से असामान्य आवाज तो नहीं आ रही. अगर तेज खड़खड़ाहट सुनाई दे तो तुरंत बंद करके जांच करवाएं.
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काफी समय तक बंद रहने पर ड्रेन पाइप में गंदगी जम सकती है, जिससे पानी टपकने या लीकेज की समस्या हो सकती है. AC ऑन करने से पहले पाइप की स्थिति देख लें ताकि बाद में कमरे में पानी गिरने जैसी परेशानी न हो.
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AC एक हाई पावर डिवाइस है इसलिए उसका प्लग, तार और स्टेबलाइजर सही हालत में होना जरूरी है. ढीले कनेक्शन या कटे तार शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ा सकते हैं. स्टेबलाइजर सही काम कर रहा है या नहीं, यह भी पहले ही जांच लें, ताकि वोल्टेज उतार-चढ़ाव से कंप्रेसर को नुकसान न पहुंचे.
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सीधे कूलिंग मोड में AC चलाने के बजाय पहले कुछ देर फैन मोड पर चलाना बेहतर रहता है. इससे अंदर जमी हल्की धूल बाहर निकल सकती है और मशीन की शुरुआती स्थिति का अंदाजा भी लग जाता है. अगर कोई तकनीकी समस्या होगी तो वह बिना कंप्रेसर पर दबाव डाले सामने आ जाएगी.
