Breaking

Uber Eats Drone Delivery:पिज्जा हो या बर्गर, अब आसमान से होगी डिलीवरी! Uber Eats का नया प्लान…

उर्वरक-कीटनाशक विक्रेताओं पर कृषि विभाग की कार्रवाई, एक का लाइसेंस निलंबित…

खुले सोक पिट में गिरने से गाय की मौत, बड़े हादसे की आशंका…

3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में आरोपी पिता को आजीवन कारावास…

नारी शक्ति पर साय सरकार का भरोसा, छत्तीसगढ़ के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ…

सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात व्यवस्था में बदलाव, सुबह 6 से रात 10 बजे तक भखारा मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित…

साइबर जागृति अभियान: धमतरी पुलिस ने 15 थाना-चौकी क्षेत्रों में 2,400 से अधिक लोगों को किया जागरूक…

कुछ लोगों पर क्यों असर नहीं करता खौलता हुए तेल? ये है वजह…

Farmer Suicides India: किन वजहों से सबसे ज्यादा आत्महत्या करते हैं किसान, किस राज्य में सबसे ज्यादा?

इन कारणों से ढीला हो जाता है Charging Port! न करें अनदेखा…

CM विजय ने स्वास्थ्य बीमा 5 गुना बढ़ाया, विधायकों को भी दिया बड़ा तोहफा…

राष्ट्रपति भवन में गूंजा छत्तीसगढ़ का मांदर, सरईटोला के लोक कलाकारों ने पेश की आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक….

ChatGPT For Teens: ChatGpt ने लॉन्च किया Teen वर्जन, क्या है इसमें खास?

भ्रामक एवं एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार…

चाकू की नोक पर सोने का लॉकेट लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, धमतरी पुलिस ने किया लूटकांड का त्वरित खुलासा…

बड़े करेली-भेंडरी के बीच भीषण सड़क हादसा, ट्रक चालक की मौत; हाईवा चालक गंभीर…

धमतरी से लापता युवक को परिवार तक पहुंचाया, अब क्षत-विक्षत शव की पहचान बनी पुलिस के लिए पहेली…

कब खरीदना चाहिए नया स्मार्टफोन, क्या आप जानते हैं ये नियम?

HomePod Mini Update: सिरी एआई के साथ आ रहे Apple के नए होम प्रोडक्ट्स, जानें डिटेल्स…

15 August: देश के 10 ऐसे कानून, जो आजादी के बाद सबसे ज्यादा बदले…

वैज्ञानिकों ने बनाया पानी के अंदर काम करने वाला सुपरग्लू, जानें कैसे करेगा काम?

छत्तीसगढ़: IPS डांगी केस में हाईकोर्ट का नोटिस, जांच पर भी उठे सवाल…

सिहावा पुलिस की जुआरियों पर बड़ी कार्रवाई, 10 आरोपी गिरफ्तार…

धमतरी में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेंगे घुड़सवारों के हैरतअंगेज करतब…

Hotel Free WiFi Scams: होटल के फ्री Wi-Fi से कैसे आपका डेटा चुराते हैं हैकर्स? जानें पूरी बात…

एक जैसे क्यों नहीं होता भारतीय ट्रेनों का रंग? हर कोच के कलर की अलग है कहानी…

Share

स्टेशन पर खड़ी ट्रेन को देखते ही सबसे पहले नजर उसके रंग पर जाती है. कहीं नीले कोच, कहीं लाल, कहीं हरे तो कहीं ग्रे शेड में चमकती नई ट्रेनें. अक्सर लोग सोचते हैं कि ये रंग बस सुंदर दिखने के लिए होते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं हटके है. भारतीय रेलवे में हर रंग अपने साथ एक पहचान, एक काम और एक कहानी बताता है. अगर आप ये राज समझ लें, तो अगली ट्रेन यात्रा आपको बिल्कुल अलग नजर से दिखेगी.

1/8
भारत में रेलवे सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि एक पूरा सिस्टम है. यहां कोच के रंग यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों दोनों के लिए संकेत का काम करते हैं. किस कोच में एसी है, कौन सा स्लीपर है, कौन सा खास काम के लिए बना है, यह सब रंग देखकर काफी हद तक समझ आ जाता है.
भारत में रेलवे सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि एक पूरा सिस्टम है. यहां कोच के रंग यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों दोनों के लिए संकेत का काम करते हैं. किस कोच में एसी है, कौन सा स्लीपर है, कौन सा खास काम के लिए बना है, यह सब रंग देखकर काफी हद तक समझ आ जाता है.
2/8
यही वजह है कि भारतीय ट्रेनों के रंग एक जैसे नहीं रखे जाते है. भारतीय रेलवे में नीला रंग सबसे आम है. यह रंग ज्यादातर स्लीपर और जनरल कोच में इस्तेमाल होता है. नीला रंग नॉन-एसी और आम यात्रियों की पहचान बन चुका है.
यही वजह है कि भारतीय ट्रेनों के रंग एक जैसे नहीं रखे जाते है. भारतीय रेलवे में नीला रंग सबसे आम है. यह रंग ज्यादातर स्लीपर और जनरल कोच में इस्तेमाल होता है. नीला रंग नॉन-एसी और आम यात्रियों की पहचान बन चुका है.
3/8
पहले यही कोच मरून रंग में होते थे, लेकिन समय के साथ रेलवे ने नीले रंग को अपनाया क्योंकि यह धूप और धूल में ज्यादा टिकाऊ माना गया है. भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर भी नीले कोच जल्दी पहचाने जाते हैं. मरून रंग भारतीय रेल का इतिहास समेटे हुए है. पुराने जमाने में लगभग सभी ट्रेनें इसी रंग की होती थीं.
पहले यही कोच मरून रंग में होते थे, लेकिन समय के साथ रेलवे ने नीले रंग को अपनाया क्योंकि यह धूप और धूल में ज्यादा टिकाऊ माना गया है. भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर भी नीले कोच जल्दी पहचाने जाते हैं. मरून रंग भारतीय रेल का इतिहास समेटे हुए है. पुराने जमाने में लगभग सभी ट्रेनें इसी रंग की होती थीं.
4/8
आज भी कुछ हेरिटेज ट्रेनें या पुराने कोच मरून रंग में दिख जाते हैं. यह रंग रेलवे के शुरुआती दौर और पुरानी तकनीक की याद दिलाता है. हालांकि अब नए कोचों में इसका इस्तेमाल बहुत कम हो गया है.
आज भी कुछ हेरिटेज ट्रेनें या पुराने कोच मरून रंग में दिख जाते हैं. यह रंग रेलवे के शुरुआती दौर और पुरानी तकनीक की याद दिलाता है. हालांकि अब नए कोचों में इसका इस्तेमाल बहुत कम हो गया है.
5/8
हरा रंग आमतौर पर गरीब रथ ट्रेनों से जुड़ा है. गरीब रथ ट्रेनें कम किराए में एसी सुविधा देने के लिए शुरू की गई थीं. हरा रंग यहां किफायती और सरल यात्रा का संकेत देता है. दूर से ही यात्री समझ जाते हैं कि यह बजट एसी ट्रेन है. इससे यात्रियों को सही ट्रेन पहचानने में आसानी होती है.
हरा रंग आमतौर पर गरीब रथ ट्रेनों से जुड़ा है. गरीब रथ ट्रेनें कम किराए में एसी सुविधा देने के लिए शुरू की गई थीं. हरा रंग यहां किफायती और सरल यात्रा का संकेत देता है. दूर से ही यात्री समझ जाते हैं कि यह बजट एसी ट्रेन है. इससे यात्रियों को सही ट्रेन पहचानने में आसानी होती है.
6/8
लाल या जंग जैसा रंग आमतौर पर एसी कोच, चेयर कार और प्रीमियम ट्रेनों में देखा जाता है. यह रंग आराम, सुविधा और थोड़ी प्रीमियम सेवा का संकेत देता है. रेलवे चाहता है कि यात्री प्लेटफॉर्म पर जल्दी समझ सकें कि एसी कोच कहां हैं, इसलिए यह रंग चुना गया.
लाल या जंग जैसा रंग आमतौर पर एसी कोच, चेयर कार और प्रीमियम ट्रेनों में देखा जाता है. यह रंग आराम, सुविधा और थोड़ी प्रीमियम सेवा का संकेत देता है. रेलवे चाहता है कि यात्री प्लेटफॉर्म पर जल्दी समझ सकें कि एसी कोच कहां हैं, इसलिए यह रंग चुना गया.
7/8
कुछ कोचों पर पीली धारियां या खास निशान बने होते हैं. ये ब्रेक वैन, पार्सल वैन या तकनीकी काम वाले कोच होते हैं. पीला रंग कम रोशनी और रात में भी साफ दिखता है, जिससे सुरक्षा बनी रहती है. रेलवे के लिए यह सेफ्टी से जुड़ा अहम संकेत है.
कुछ कोचों पर पीली धारियां या खास निशान बने होते हैं. ये ब्रेक वैन, पार्सल वैन या तकनीकी काम वाले कोच होते हैं. पीला रंग कम रोशनी और रात में भी साफ दिखता है, जिससे सुरक्षा बनी रहती है. रेलवे के लिए यह सेफ्टी से जुड़ा अहम संकेत है.
8/8
नई वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों में सफेद, ग्रे, ऑरेंज रंग का इस्तेमाल हो रहा है. ये रंग आधुनिक तकनीक, तेज रफ्तार और नई सोच का प्रतीक है. इससे ट्रेन की पहचान दूर से ही हो जाती है कि यह पारंपरिक नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की ट्रेन है.
नई वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों में सफेद, ग्रे, ऑरेंज रंग का इस्तेमाल हो रहा है. ये रंग आधुनिक तकनीक, तेज रफ्तार और नई सोच का प्रतीक है. इससे ट्रेन की पहचान दूर से ही हो जाती है कि यह पारंपरिक नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की ट्रेन है.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में