हाथी, गौर व अन्य वन जीव मौजूद
धमतरी/ उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व में एक बार फिर से बाघ की आहट हुई है। बाघों को रोकने के लिए बहुत जल्द यहां पर बाघिन लाने का प्रस्ताव पास किया जाएगा। इसके अलावा कुछ माह पहले जिस हाथी का इलाज किया गया था वह अभी मदमस्त क्षेत्र में विचरण कर रही है। उदंती सीतानाडी टाइगर रिजर्व में जंगली जानवरों की बहुतायत है। चाहे वह हाथी, टाइगर, तेंदुआ, गौर, वन भैंसा या विभिन्न प्रकार पक्षी कहें, यह स्थान उनके लिए उपयुक्त होता है। वन विभाग द्वारा यहां पर लगातार इनके देखरेख और रुकने तक के लिए विशेष व्यवस्था भी की जाती है। अभी फिर से यहां टाइगर की आहट मिल रही है। लेकिन एक बड़ी समस्या यह है कि यहां पर टाइगर आते तो हैं लेकिन मादा नहीं होने की वजह से आगे चले जाते हैं।

इसके लिए अब एक नया प्रोजेक्ट लाया जा रहा है जिसमें बाघिन को यहां लाया जाएगा चार-पांच माह रुकने के बाद बढ़ जाते हैं टाइगर इस संबंध में USTR डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि 3 साल में तीन बाघ आए थे। चार-पांच माह रुकने के बाद आगे निकल जाते हैं, जिसमें से दो आगे बढ़ गए हैं। मई 2025 में एक बाघ आया था वह आगे बार नवापारा बढ़ गया है… 16 जनवरी को फिर से एक बाघ के पग मिले हैं। यहां पर चूंकि मादा बाघिन नहीं होती है इस वजह से टाइगर नहीं रुकते हैं। इसके लिए मध्य प्रदेश से दो बाघिन लाने का प्रपोजल है… इसी तरह से अक्टूबर 2025 में उड़ीसा से भटक कर आए हाथी का यहां पर इलाज किया गया था और उसके बाद वह हाथी कुल्हाड़ी घाट में आराम से विचरण कर रहा है। इसी तरह एक-दो दिन पहले इंदा नवागांव में गौर देखा गया जो सड़क पार करते हुए कैमरे में कैद हुआ। इस विषय पर भास्कर टाईप हेडिंग क्या होगा।
