राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. कबीर नगर थाना क्षेत्र में रहने वाला ढाई साल का मासूम प्रशांत अपने सौतेले पिता और सगी मां की बेरहमी का शिकार बन गया. मामला सुनकर मानवता भी शर्मसार हो गई.
पुलिस के अनुसार, आकिब खान ने अपने ढाई साल के सौतेले बेटे प्रशांत से इतनी नफरत कर ली थी कि उसने मासूम की जान लेने का निश्चय किया. आरोपी ने पिछले 15 दिनों से लगातार मासूम के साथ मारपीट की. विशेषकर मासूम के मुंह, नाक और छाती पर जानलेवा वार किए गए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर 28 से अधिक गंभीर चोटें पाई गईं, जो उसकी मौत का मुख्य कारण बनीं.
क्या है पूरा मामला?
घटना के दिन, 18 नवंबर को घायल मासूम को रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया. यहां चिकित्सकों ने गंभीर चोटों के निशान देख पुलिस को सूचित किया. डॉक्टरों की रिपोर्ट ने पुष्टि की कि यह मौत शारीरिक उत्पीड़न और बेरहमी की वजह से हुई. चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरी घटना में बच्चे की सगी मां रेशमी ताम्रकार ने भी अपने पति आकिब का पूरा साथ दिया. रेशमी ने अपने पहले पति से तीन बच्चों में सबसे छोटे बेटे प्रशांत को अपने साथ लाया था. जबकि उसके अन्य दो बच्चे ननिहाल में रह रहे हैं. शादी के बाद, रेशमी के पति आकिब और उसके परिवार ने बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया और उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची.

पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
पुलिस की जांच में आरोपी आकिब खान और रेशमी ताम्रकार ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने मासूम को मारने का योजना पूर्व से बनाई थी. इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
बच्चों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण- राम परते
CSP रायपुर दौलत राम परते ने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें मासूम की उम्र और निर्भरता का पूरा फायदा उठाया गया. यह घटना समाज और परिवारों के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है. इस मामले ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में एक बार फिर से बाल सुरक्षा और घरेलू हिंसा के गंभीर पहलुओं को उजागर किया है.
