धर्मशाला (मक्लियोडगंज)/ राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित राष्ट्रीय साहसिक शिविर 2025 में छत्तीसगढ़ के स्वयंसेवक रोहनदीप साहू ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया। 24 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक चले इस शिविर में देशभर से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
शिविर के दौरान रोहनदीप ने प्राकृतिक रॉक क्लाइम्बिंग (एल.डी.पी.), जुम्मारिंग, रैपलिंग (यांत्रिक एवं पारंपरिक विधि), कृत्रिम दीवार पर चढ़ाई, ट्रेकिंग, नदी पार करना, टेंट पिचिंग और पहाड़ों में जीवन रक्षा पर प्रशिक्षण जैसी अनेक रोमांचक गतिविधियों में भाग लेकर साहस, अनुशासन और उत्साह का परिचय दिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने पर्वतारोहण के उपकरणों के उपयोग, सुरक्षा नियमों, रस्सी तकनीक और टीमवर्क की बारीकियों की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने बताया कि इस अनुभव ने उन्हें भय पर विजय पाने, जोखिम समझने और प्रकृति के साथ तालमेल बैठाने की सीख दी।

समापन समारोह में रोहनदीप ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति का भव्य प्रदर्शन किया। उन्होंने पंथी, सुआ, राउत नाच, करमा नृत्य और छत्तीसगढ़ माता के पोषण गीत प्रस्तुत किए।
1 नवम्बर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हुई इस प्रस्तुति ने धर्मशाला की वादियों को छत्तीसगढ़ी रंगों से सराबोर कर दिया। देशभर से आए स्वयंसेवक छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की धुन पर झूम उठे।
रोहनदीप साहू ने कहा — “इस शिविर ने हमें न केवल साहस और आत्मविश्वास दिया, बल्कि टीम भावना और नेतृत्व का महत्व भी सिखाया।”
प्रशिक्षकों ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर युवाओं में साहस, अनुशासन और नेतृत्व कौशल को विकसित करते हैं।
