जिले से पहली बार किसी कृषक का चयन — जैविक खेती और कृषि नवाचार में अग्रणी उदाहरण
धमतरी/ 04 नवम्बर कृषि नवाचार और उन्नत खेती के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले धमतरी जिले ने एक बार फिर गौरव हासिल किया है।
ग्राम हथबंध (विकासखण्ड कुरूद) के उन्नतशील एवं जैविक कृषक थानेंद्र साहू का चयन प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार हेतु किया गया है।
यह पहला अवसर है जब धमतरी जिले से किसी कृषक को यह राज्य स्तरीय सम्मान मिलने जा रहा है।
राजधानी रायपुर में 5 नवम्बर को आयोजित राज्योत्सव समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
‘धनहा धमतरी’ की परंपरा को किया मजबूत
धमतरी जिला लंबे समय से कृषि नवाचार और प्राकृतिक खेती के लिए जाना जाता है, जिसे जनमानस में “धनहा धमतरी” कहा जाता है।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 33 वर्षीय युवा कृषक थानेंद्र साहू ने न केवल पूरी तरह जैविक खेती अपनाई, बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत भी बने हैं।

सुगंधित और औषधीय धानों की खेती
साहू के पास कुल 6.156 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें 4.16 हेक्टेयर क्षेत्र में वे विशेष धान किस्मों की खेती करते हैं —
नगरी दूबराज, देवभोग, तुलसी मंजरी, जंवाफूल, कबीर भोग, रेड राइस और ब्लैक राइस।
इनकी बाजार में सालभर मांग बनी रहती है और इनका विक्रय प्रदेश के साथ अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है।
गौ आधारित जैविक खेती और नवाचार
साहू पूरी तरह गौ आधारित जैविक खेती करते हैं।
वे स्वयं तैयार करते हैं —
जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्न्यास्त्र जैसे जैविक उत्पाद।
👉 इससे खेती की लागत घटी है —
जहाँ पहले प्रति एकड़ उत्पादन लागत लगभग ₹15,000 थी, वहीं अब यह घटकर ₹7,500 प्रति एकड़ रह गई है।
साथ ही पर्यावरण पर दुष्प्रभाव में भी कमी आई है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने
साहू ने कृषि विभाग की आत्मा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
उन्होंने अपने ग्राम में ‘नव युवक कृषक अभिरुचि समूह’ बनाकर युवाओं को जैविक और औषधीय धान की खेती के लिए प्रेरित किया है।
वे मिलेट मिशन के तहत रागी एवं अन्य लघुधान्य फसलों की भी खेती कर रहे हैं।
इसके अलावा वे पशुपालन, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन और मशरूम उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर रहे हैं।
पूर्व में भी मिल चुके हैं सम्मान
कृषि नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए साहू को जिला एवं राज्य स्तर पर कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
आत्मा योजना के अंतर्गत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया था।
जिले का बढ़ा मान
जैविक खेती में थानेंद्र साहू का योगदान धमतरी ही नहीं, पूरे प्रदेश के कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उनके चयन से जिले का गौरव बढ़ा है और यह सिद्ध हुआ है कि नवाचार, समर्पण और परिश्रम से कृषि को लाभकारी और सम्मानजनक व्यवसाय बनाया जा सकता है।
धमतरी जिला — “कृषि नवाचार में अग्रणी, जैविक खेती में उदाहरण” 🌾
