धमतरी/ जिले में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक एवं उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने और कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री सहित अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन और उप संचालक कृषि के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा सहकारी संस्थानों एवं निजी उर्वरक-कीटनाशक विक्रय केंद्रों का नियमित और आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत जिले के विभिन्न विकासखंडों में सहकारी संस्थाओं सहित दर्जनों निजी विक्रय परिसरों की जांच की गई।
एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित
विकासखंड धमतरी के मेसर्स मधु कृषि केन्द्र, कोलियारी में निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर उप संचालक कृषि ने संबंधित विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वहीं मेसर्स गंगबेर कृषि केन्द्र, अछोटा तथा मेसर्स शिवम ट्रेडर्स, खरेंगा में भी अनियमितता मिलने पर विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।

आठ संस्थानों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण अभियान के दौरान मेसर्स अनल एग्रो एजेंसी दानीटोला, मेसर्स हिमांशु कृषि केन्द्र कोलियारी, मेसर्स धमतरी कृषि केन्द्र भोयना, मां कर्मा कृषि केन्द्र भटगांव, मेसर्स साहू ट्रेडर्स अकलाडोंगरी, मेसर्स किसान मितान कोलियारी, मेसर्स सिन्हा कृषि केन्द्र कोलियारी और मेसर्स हर्षिका कृषि केन्द्र कोलियारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सभी संबंधित विक्रेताओं को निर्धारित समय-सीमा में अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री पर होगी कार्रवाई
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरक एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, भंडारण, वितरण, विक्रय दर और गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों से निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, बिना बिल सामग्री बेचने, स्टॉक में गड़बड़ी करने या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनियमितताओं में सुधार नहीं करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस को निलंबित अथवा निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग के इस अभियान से किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त कृषि सामग्री उपलब्ध कराने और बाजार में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की दिशा में सख्ती बढ़ने के संकेत हैं।
