धमतरी/ वरदान परामर्श सेवा समिति के सदस्यों ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए धमतरी में मिले एक लापता युवक को उसके परिवार तक सकुशल पहुंचाया। युवक की पहचान बलौदा बाजार जिले के ग्राम सुकली बरेली निवासी 28 वर्षीय मोतीलाल विश्वकर्मा के रूप में हुई है। हालांकि, युवक के घर पहुंचने के बाद एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, मोतीलाल विश्वकर्मा पिछले कई दिनों से लापता था। वह धमतरी के संबलपुर मोड़ स्थित एक पेट्रोल पंप के पास बैठा मिला। उसकी स्थिति को देखते हुए वरदान एम्बुलेंस सेवा समिति के सदस्य पप्पू साहू ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के शिवा प्रधान से संपर्क किया। इसके बाद युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
पूछताछ के दौरान युवक के पास मिले वोटर आईडी कार्ड से उसकी पहचान ग्राम सुकली बरेली, जिला बलौदा बाजार निवासी मोतीलाल विश्वकर्मा के रूप में हुई। इसके बाद गिरौधपुरी चौकी के माध्यम से उसके परिवार से संपर्क किया गया।
परिवार से संपर्क होने के बाद शिवा प्रधान, पप्पू साहू और डोमन साहू युवक को लेकर गिरौधपुरी पहुंचे और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। लंबे समय बाद बेटे को सामने देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

लेकिन सामने आया चौंकाने वाला राज
युवक के परिवार से बातचीत के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। परिजनों ने बताया कि 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास एक क्षत-विक्षत शव मिला था। परिवार ने उस शव की पहचान मोतीलाल विश्वकर्मा के रूप में की थी और इसके बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था।
अब जब मोतीलाल जीवित अपने परिवार के सामने पहुंच गया है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि सेमरा नाला के पास मिला वह क्षत-विक्षत शव आखिर किसका था?
यह मामला अब बलौदा बाजार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस को शव की पहचान से लेकर उसकी शिनाख्त की प्रक्रिया तक पूरे मामले की नए सिरे से जांच करनी होगी। वहीं, यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि आखिर किस आधार पर उस शव की पहचान मोतीलाल विश्वकर्मा के रूप में की गई थी।
