भखारा | नगर पंचायत भखारा के वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद भूपेंद्र यादव शनिवार को पिपराही तालाब में कथित अवैध मुरम उत्खनन और तालाब की अनदेखी के विरोध में अर्धनग्न होकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मांग की कि तालाब में निकाली गई मिट्टी को पहले बाहर हटाया जाए, उसके बाद ही मुरम का परिवहन किया जाए। उनकी मांग पूरी होने तक वे धरने पर डटे रहे।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में नगरवासी भी पहुंचे और पार्षद की मांग का समर्थन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार राजनीतिक संरक्षण के चलते मनमानी कर रहा है, जिसके चलते तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
पार्षद भूपेंद्र यादव ने बताया कि स्वामी विवेकानंद वार्ड स्थित पिपराही तालाब की कई दशकों से सफाई नहीं हुई है। नगर का गंदा पानी लगातार तालाब में पहुंचने से इसकी स्थिति बेहद खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए नगर पंचायत से प्रस्ताव पारित कर कलेक्टर धमतरी को भेजा गया था, ताकि तालाब की सफाई, पिचिंग, टू-वाल सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण कराया जा सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने केवल मुरम निकालने पर ध्यान दिया, जबकि तालाब की सफाई नहीं कराई। उत्खनन के दौरान निकाली गई मिट्टी को तालाब के भीतर ही छोड़ दिया गया, जिससे गंदगी और बढ़ गई। पार्षद का कहना था कि उनकी मांग सिर्फ इतनी थी कि पहले तालाब से मिट्टी बाहर निकाली जाए, उसके बाद ही मुरम का परिवहन किया जाए।
धरने के कारण कुछ समय के लिए मुरम का परिवहन भी रोकना पड़ा। बाद में नगर पंचायत के सीएमओ और संबंधित ठेकेदार ने पहले तालाब से मिट्टी हटाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद पार्षद ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
फिलहाल इस मामले को लेकर नगर में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि प्रशासन और ठेकेदार अपने आश्वासन पर कितना अमल करते हैं।
