धमतरी/ मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे जिला अस्पताल में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। एक युवक अपने दोस्त को हाथ ठेले में लादकर जिला अस्पताल पहुंचा। समय रहते दिखाई गई उसकी सूझबूझ और इंसानियत की लोगों ने सराहना की।
जानकारी के अनुसार, आमापारा निवासी संतोष सोनवानी गैरेज से अस्पतालों, मेडिकल स्टोर और अन्य दुकानों तक सामान पहुंचाने का काम करता है। मंगलवार को वह रत्नाबांधा स्थित शराब दुकान के पास गया था। इसी दौरान उसकी नजर अपने दोस्त विक्की पर पड़ी, जो बेसुध अवस्था में पड़ा हुआ था।
संतोष ने बताया कि उसे आशंका हुई कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। उसके पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए वह एंबुलेंस को भी सूचना नहीं दे सका। ऐसे में उसने बिना देर किए विक्की को अपने हाथ ठेले में लिटाया और पैदल ही जिला अस्पताल लेकर पहुंच गया।

जिला अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल स्टाफ ने तत्काल स्ट्रेचर की मदद से विक्की को आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।
संतोष ने बताया कि उस समय उसे कुछ भी नहीं सूझा, बस यही लगा कि दोस्त को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। उसने यह भी बताया कि उसे सुनने में आया था कि विक्की को मिर्गी की बीमारी है। हालांकि उसकी तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
संतोष की इस मानवता और संवेदनशीलता की जिला अस्पताल में मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की। उसकी तत्परता के चलते विक्की को समय पर उपचार मिल सका।
