ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर पाकिस्तान ने कई झूठे दावे किए थे. अब पाक के दावों की पोल खुल गई है. इंडियन एयरफोर्स के एक हालिया सरकारी दस्तावेज से ऐसा कोई संकेत नहीं मिलता कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत का कोई राफेल फाइटर जेट नष्ट हुआ था.
दरअसल, भारतीय वायुसेना ने फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation और उससे जुड़े साझेदारों के लिए राफेल बेड़े के रखरखाव और संचालन सहायता से संबंधित एक आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) यानी टेंडर जारी किया है. दस्तावेज में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय वायुसेना 36 राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन कर रही है और इन विमानों के लिए पांच महीने की अवधि के लिए ब्रिज सपोर्ट की जरूरत है.

दस्तावेज में 36 राफेल विमानों का जिक्र
दस्तावेज के मुताबिक, इंडियन एयरफोर्स ने फ्रांस की Safran Aircraft Engines को भेजे गए प्रस्ताव में कहा है कि 2016 के अंतर-सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए 36 राफेल विमानों के लिए रखरखाव और स्पेयर सपोर्ट की व्यवस्था की जाए. दस्तावेज में यह भी जिक्र है कि प्रस्तावित ब्रिज सपोर्ट अनुबंध के दौरान सभी 36 रफाल विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए उड़ान घंटों की गणना की गई है.
आरएफपी में कहा गया है कि पांच महीने की अवधि के लिए 36 विमानों के संचालन के आधार पर कुल 2250 फ्लाइंग आवर्स का अनुमान लगाया गया है. यह गणना 36 विमानों को ध्यान में रखकर की गई है. रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि किसी राफेल विमान का नुकसान हुआ होता और वह बेड़े का हिस्सा नहीं रहता, तो ऐसी स्थिति में रखरखाव और उड़ान घंटों की योजना में विमानों की संख्या अलग दिखाई दे सकती थी.
पाकिस्तान ने तीन राफेल गिराने का किया था झूठा दावा
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया था कि उसने भारतीय वायुसेना के तीन राफेल लड़ाकू विमान मार गिराए हैं. हालांकि भारत सरकार और भारतीय वायुसेना ने कभी भी पाकिस्तान के इस दावे की पुष्टि नहीं की.
