धमतरी/ किसानों को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने, रिकॉर्ड में अनियमितता और बिना अनुमति खाद भंडारण के मामलों में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम द्वारा जिलेभर में चलाए गए सघन निरीक्षण अभियान के दौरान कई उर्वरक विक्रय केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद लाइसेंस निलंबित करने और खाद जब्त करने की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान विकासखंड मगरलोड स्थित मेसर्स वंदना खाद भंडार, करेली छोटी में किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने तथा कैश मेमो जारी नहीं करने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद तत्काल प्रभाव से प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। साथ ही परिसर में उपलब्ध 269 बोरी यूरिया, 354 बोरी एनपीके और 236 बोरी डीएपी सहित कुल 859 बोरी उर्वरक जब्त कर लिया गया।
इसी प्रकार विकासखंड नगरी के पवार ट्रेडर्स, बेलरगांव में बिना नियमानुसार अनुमति के 600 बोरी जैविक खाद का भंडारण पाया गया, जिसे जब्त कर लिया गया। वहीं जय किसान ट्रेडर्स, बेलरगांव से भी 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई। दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विकासखंड कुरूद स्थित मेसर्स चण्डी ट्रेडर्स एवं मेसर्स किसान ट्रेडर्स के निरीक्षण के दौरान पॉस मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। साथ ही निर्धारित सूचना बोर्ड पर मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। निलंबन अवधि में इन दुकानों से उर्वरक विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

कृषि विभाग की टीम ने जिले के दो दर्जन से अधिक उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया है। धमतरी, नगरी सहित अन्य विकासखंडों के कृषि आदान केंद्रों में अभिलेखों, स्टॉक और विक्रय व्यवस्था की गहन जांच जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री, स्टॉक छिपाने अथवा रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कलेक्टर ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक अथवा अन्य कृषि सामग्री खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता अधिक मूल्य वसूलता है या बिल देने से इंकार करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
