बस्तर संभाग के जगदलपुर में एक अनोखी मानवीय पहले देखने को मिल रही है. यहां सरेंडर कर चुके माओवादियों के लिए एक विशेष मेडिकल कैंप आयोजित किया गया है. इस कैंप में परिवार की चाह रखने वाले माओवादियों की वेसक्टॉमी (नसबंदी) को रिवर्स करने की सर्जरी मुफ्त में की जा रही है.
यह सर्जरी यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया से जुड़े डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जा रहा है. यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के डॉक्टर और कोषाध्यक्ष, डॉ. सुशील राठी ने इस मामले की पूरी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जिस सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में एक से डेढ़ लाख लग जाते हैं उसे चैरिटी के तहत मुफ्त में किया जा रहा है.
सरेंडर कर चुके माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ना
उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि चैरिटेबल मेडिकल इनिशिएटिव के तहत यह कैंप लगाया गया है. यह शिविर महारानी अस्पताल में लगाया गया है. इसका उद्देश्य सरेंडर कर चुके माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोडना है. उन्होंने बताया कि यह कैंप दो किश्तों में होगा. पहला चरण 30 और 31 मई को संपन्न हुआ, जबकि दूसरा चरण 13 और 14 जून को होगा. इस दौरान हमले लगभग 60 से 65 मरीजों की सर्जरी करने का लक्ष्य रखा है. अब तक करीब 32 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं, जो सुरक्षित और सफल रही हैं.

रिवर्स वेसक्टॉमी पूररी तरह मुफ्त
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सर्जरी निजी अस्पतालों में कराने पर प्रति मरीज लगभग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये का खर्च आता है, लेकिन इस कैंप में सभी का ऑपरेशन पूरी तरह मुफ्त किए जा रहा है. इसमें सर्जरी के साथ-साथ जरूरी मेडिकल सुविधा और देखभाल भी शामिल है.
गौर हो कि पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर माओवादियों ने सरकार के समक्ष सरेंडर किया है. इन माओवादियों को संगठन में शामिल होने पर जबरन नसबंदी करानी पड़ती थी, लेकिन अब कई माओवादी सरेडंर कर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं. ये लोग परिवार बसाना चाहते हैं और इसी कारण सरकार और डॉक्टर मिलकर उनकी मेडिकल मदद कर रहे हैं.
