जिस सोने को कभी सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत गारंटी माना जाता था, वही आज आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है. भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी हालात तेजी से बदल रहे हैं. बढ़ती महंगाई, कमजोर करेंसी और वैश्विक बाजार के दबाव ने सोने-चांदी को निवेश की मजबूरी तो बना दिया है, लेकिन खरीदना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है. आखिर पाकिस्तान में आज सोना और चांदी कितने महंगे हो चुके हैं, और इसकी वजह क्या है?
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6 फरवरी 2026 को पाकिस्तान में सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर बनी हुई हैं. 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 44,219 से 45,011 पाकिस्तानी रुपये प्रति ग्राम के बीच चल रहा है. वहीं एक तोला 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 5,15,000 से 5,19,000 रुपये तक पहुंच चुकी है.
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अगर 22 कैरेट सोने की बात करें, तो इसका रेट करीब 40,534 से 41,257 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया है. कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं है.
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ये आंकड़े साफ बताते हैं कि पाकिस्तान में सोना अब सिर्फ शौक या गहनों तक सीमित नहीं रहा. मिडिल क्लास और लोअर इनकम ग्रुप के लिए सोना खरीदना लगातार मुश्किल होता जा रहा है.
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शादी-ब्याह और पारंपरिक जरूरतों के लिए भी लोग अब हल्के गहनों या पुराने सोने को बदलने पर मजबूर हैं. महंगाई की मार झेल रहे आम परिवारों के बजट में सोना बड़ी चुनौती बन चुका है.
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सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है. 6 फरवरी 2026 को पाकिस्तान में चांदी का भाव लगभग 12,024 रुपये प्रति तोला और करीब 1,031 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया.
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10 ग्राम चांदी की कीमत करीब 10,309 रुपये के आसपास है. बीते एक साल में चांदी के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे छोटे निवेशक और कारीगर दोनों प्रभावित हुए हैं.
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एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पाकिस्तान में सोने-चांदी की कीमतें बढ़ने के पीछे कई अहम कारण हैं. सबसे बड़ी वजह है पाकिस्तानी रुपये की कमजोरी. डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने से इंपोर्टेड गोल्ड महंगा हो जाता है.
