शिव ध्वज के नीचे लिया सकारात्मक जीवन परिवर्तन का संकल्प
धमतरी/ ब्रह्माकुमारीज दिव्यधाम में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महापौर रामू रोहरा, डॉ. मुरारी वसानी, डॉ. श्रुति वसानी एवं सरिता दीदी के सान्निध्य में शिव ध्वज फहराया गया। शिव ध्वज के नीचे उपस्थित जनसमूह ने अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन एवं आत्मउन्नति का संकल्प लिया। प्रतिज्ञा प्राजक्ता बहन ने कराई।
अतिथियों ने ध्वजारोहण के पश्चात सहस्त्र शिवलिंग झांकी के दर्शन किए। द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी एवं जलहरी शिवलिंग का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया।
शिवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सरिता दीदी ने कहा कि आज विश्व में दुःख, अशांति, भ्रष्टाचार और विकार बढ़ते जा रहे हैं। मानवता को इनसे मुक्त करने के लिए परमात्मा शिव का अवतरण सन 1936 में इस धरा पर हुआ, जिन्होंने साधारण मानव तन में प्रजापिता ब्रह्मा का नाम धारण किया।
उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को है। आज से 15 फरवरी तक पांच व्रत धारण करने का आह्वान किया गया, जिसमें क्रोध न करना, नकारात्मक विचारों से दूर रहना, प्रातः कम से कम 5 बजे उठना, इच्छाओं को सीमित कर सेवा भावना अपनाना एवं सुबह एक घंटे मोबाइल का उपयोग न करना शामिल है।
महापौर रामू रोहरा ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वे इस पावन अवसर पर शिव ध्वज फहराने उपस्थित हुए। यहां आकर उन्हें सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। शिवरात्रि पर हम सभी अपने भीतर की बुराइयों को शिव को अर्पित करेंगे।

डॉ. मुरारी वसानी एवं डॉ. श्रुति वसानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. श्रुति वसानी ने बताए गए पांचों व्रतों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने दिव्य झांकियों के दर्शन कर पुष्प, नारियल अर्पित किए एवं प्रसाद ग्रहण किया। सहस्त्र शिवलिंग, द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं जलहरी शिवलिंग झांकी के दर्शन 5 फरवरी से 17 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 5 से 9 बजे तक आमजन के लिए खुले रहेंगे।
इसके पश्चात 18 से 24 फरवरी तक ब्रह्माकुमारीज दिव्यधाम में “जीवन में सुख एवं शांति के लिए तनाव प्रबंधन के आध्यात्मिक सूत्र” विषय पर सात दिवसीय शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसका समय सुबह एवं शाम 7 से 8 बजे तक रहेगा।
कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे। संचालन ब्रह्माकुमारी प्राजक्ता बहन ने किया।
