राजस्थान के पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में ठंड ने इस कदर दस्तक दी है कि पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान लगातार जमाव बिंदु (0°C) पर दर्ज किया जा रहा है. तापमान के शून्य पर ठहर जाने से स्थानीय जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है. सुबह के समय काम पर निकलने वाले लोग जगह–जगह अलाव तापते नजर आ रहे हैं.
वहीं सैर–सपाटे के लिए आने वाले सैलानी कड़कड़ाती ठंड के बीच गर्म चाय–कॉफी की चुस्कियों का आनंद लेते दिखाई देते हैं. मौसम में आई इस अचानक सर्दी ने सभी को सिहरने पर मजबूर कर दिया है. पिछले तीन दिनों में तापमान जमाव बिंदु से भी नीचे चला गया, जिसके चलते शाम होते ही अलाव की मांग बढ़ जाती है. शाम 6:00 से 6:30 बजे के बीच स्थानीय लोग अपने घरों व दुकानों के बाहर अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते हैं. होटलों में ठहरे सैलानियों की ओर से भी रूम हीटर की मांग बढ़ गई है. पर्यटन सीजन के बीच पड़ी इस कड़ाके की ठंड ने होटल प्रबंधन की व्यस्तता को भी बढ़ा दिया है.
सैलानियों के लिए खास आकर्षण बनी ठिठुरन
शाम ढलने के बाद सनसेट प्वॉइंट व नक्की लेक की ओर से लौटते पर्यटक अलाव के सहारे गर्माहट लेते दिखते हैं. स्थानीय लोग भी अलाव के पास बैठकर राहत पाते हैं, जबकि सैलानी गर्म कपड़ों में लिपटे हुए इस ठिठुरन भरे मौसम का अलग ही अनुभव लेते नजर आते हैं.माउंट आबू की यह बर्फीली ठंड इस समय यहां आने वाले हर सैलानी के लिए खास आकर्षण बनी हुई है.

राजस्थान में सर्दी का तीखा प्रहार
राजस्थान में सर्दी ने जोर पकड़ लिया है. माउंट आबू में लगातार चौथे दिन न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, वहीं मैदानी इलाकों में भी ओस जमने से ठंड ने तीखा रूप धारण कर लिया है. शेखावाटी के फतेहपुर, चूरू, सीकर और झुंझुनूं में पारा 5 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ. फतेहपुर में 4.5 डिग्री और नागौर में 5.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. बीकानेर, जोधपुर, अजमेर और जयपुर सहित कई शहरों में रात का तापमान 8–10 डिग्री के बीच सिमटा रहा. घने कोहरे ने यातायात को प्रभावित किया, जबकि किसान फसलों को नुकसान की आशंका से चिंतित हैं.
लोगों की मुसीबत बढ़ी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सलाह
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए जगह–जगह अलाव जलाए जा रहे हैं. बाजारों, चौराहों और गांवों में लोग अलाव के पास गर्माहट लेते दिख रहे हैं. घरों में हीटर, रजाई और गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है. बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का प्रभाव गंभीर रूप से पड़ रहा है, जिसके चलते जोड़ों में दर्द, सांस की तकलीफ और हाइपोथर्मिया जैसे खतरे बढ़ गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को गर्म पानी पीने, धूप में बैठने और बिना जरूरत के बाहर न निकलने की सलाह दी है.
