धमतरी/ बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘माटी’ का प्रदर्शन आज एसआरएम प्रशांत सिनेमा में भव्य रूप से प्रारंभ हुआ। उद्घाटन शो में मुख्य अतिथि महापौर रामू रोहरा ने फिल्म को बस्तर की संवेदनाओं और वास्तविक परिस्थितियों को उकेरने वाली एक गहन रचना बताया। उन्होंने कहा—
“माटी सिर्फ एक फिल्म नहीं, बस्तर की सच्चाई, संघर्ष और संस्कृति को महसूस कराने वाला अनुभव है।”
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें—
नगर पालिका निगम धमतरी से
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सम्माननीय सभापति कौशल्या देवांगन
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पार्षदगण: अज्जू देशलहरे, संतोष सोनकर, हेमंत बंजारे, अखिलेश सोनकर, पिंटू यादव, कुलेश सोनी, संजय देवांगन, गजेंद्र कंवर, मेघराज ठाकुर, आशा लोधी, विभा चंद्राकर, चंद्रभागा साहू, नम्रता पावर, अनीता अग्रवाल, शैलेश रजक

भाजपा संगठन से
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आदरणीय जिला महामंत्री महेंद्र पंडित
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विनय जैन, अध्यक्ष भाजपा आमदी मंडल
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पवन गजपाल, अध्यक्ष भाजपा शहर मंडल धमतरी
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महामंत्री राजीव चंद्राकर, अनिल तिवारी
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कार्यकर्ता: नीतू त्रिवेदी, गायत्री सोनी, राम सोनी, राकेश यादव
युवा मोर्चा
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जिलाध्यक्ष कैलाश सोनकर
वरिष्ठ कार्यकर्ता
रोहिताश मिश्रा, विनोद पांडे, ललित मानिक, लाल, गोपाल साहू, केवल साहू, विजय ठाकुर, चिराग आथा, नीलमणि पावरिया, भव्या साहू, रेखा शांडिल्य, सरिता यादव, रितिका यादव, ईश्वरी पटवा, दमयंती गजेंद्र और औद्योगिक वार्ड के ज्येष्ठ-श्रेष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कहानी में बस्तर की अनकही पीड़ा
फिल्म के निर्माता संपत झा और निर्देशक अविनाश प्रसाद ने बताया कि ‘माटी’ बस्तर के निर्दोष ग्रामीणों, शहीद जवानों और मुख्यधारा में लौट चुके आत्मसमर्पितों की पीड़ा पर आधारित है। फिल्म की खास बात यह रही कि करीब 40 आत्मसमर्पित माओवादी भी कलाकार के रूप में इसमें शामिल हुए हैं, जिससे कहानी और अधिक प्रामाणिक बन पाई है।
नागरिकों से अपील
महापौर रोहरा ने फिल्म टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह फिल्म बस्तर के उस सच को सामने लाती है, जिसे देखने और समझने की जरूरत सभी को है। उन्होंने नागरिकों से अपील की—
“माटी जरूर देखें, यह सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि बस्तर की असली कहानी से जुड़ने का अवसर है।”
