धमतरी/ डुबान क्षेत्र के ग्राम काशीपुर के किसानों ने मंगलवार को महापौर रामू रोहरा से मुलाकात कर उन्हें एस.आई.आर. (Special Intensive Revision) में शामिल किए जाने की मांग का ज्ञापन सौंपा।
1974-75 में जलाशय निर्माण के लिए अधिग्रहित हुई पैतृक जमीन
किसानों ने अपने ज्ञापन में बताया कि ग्राम उरपुटी, कांदरी, सिलतरा और बरबंधा के डुबान प्रभावित आदिवासी कृषकों की पैतृक भूमि वर्ष 1974-75 में शासन द्वारा रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) निर्माण हेतु अधिग्रहित कर ली गई थी।
इससे वे अपनी जमीनों से बेदखल होकर विस्थापित हो गए।
कृषकों के अनुसार तब से वे कांशीपुर (कांशीबाहरा) ठेमसरा क्षेत्र की आबादी भूमि पर रहकर ही कृषि कार्य कर रहे हैं। इस संबंध में ग्रामसभा, ग्राम पंचायत, जनसमस्या निवारण शिविरों और व्यक्तिगत प्रयासों के माध्यम से बार-बार शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा चुका है।

SIR नियम में दर्ज करने और राजस्व रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग
ग्रामीणों ने आग्रह किया कि ग्राम कांशीपुर, ग्राम पंचायत अरौद डुबान के आदिवासी कृषकों को भारत शासन के SIR नियम में दर्ज किया जाए।
साथ ही शासन के राजस्व अभिलेखों में ग्राम कांशीपुर के नाम को विधिवत शामिल किया जाए, ताकि उनकी पहचान और अधिकार स्पष्ट रूप से दर्ज हो सकें।
महापौर ने आश्वासन दिया आवश्यक कार्रवाई का
महापौर रामू रोहरा ने ज्ञापन प्राप्त कर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर आवश्यक और उचित कार्रवाई की जाएगी।
