India Underground Treasure: देश में सरकार कई योजनाओं के तहत गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की सहायता करती है. इसे लेकर ही सरकार करोड़ों परिवारों को मुक्त राशन भी उपलब्ध कराती है. वहीं आज भी देश के करोड़ों लोग मुक्त राशन योजना पर निर्भर है. हालांकि कहा जाता है कि भारत के पास अलग-अलग तरह से जमीनी खजाना मौजूद है, जिसके बारे में कई लोग नहीं जानते हैं. वहीं यह भी सवाल उठता है कि भारत के पास जमीनी खजाना मौजूद होने के बावजूद 80 करोड़ लोग राशन पर क्यों जी रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भारत का कौन सा जमीनी खजाना है, जिसके बारे में लोग नहीं जानते है और जिसकी कीमत अरबों में है, इसके बावजूद 80 करोड़ लोग राशन पर जी रहे हैं.
भारत के पास कितना बड़ा जमीनी खजाना?
भारत को दुनिया के सबसे खनिज संपन्न देशों में गिना जाता है. देश की धरती के नीचे लोह-अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, मैगनीज, क्रोमाइट अभ्रक, यूरेनियम और कई रेयर अर्थ एलिमेंट्स का विशाल भंडार मौजूद है. भारतीय वैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार देश में खनिज संपदा वाले करीब 50 बड़े क्षेत्र हैं, जहां लगभग 400 से ज्यादा स्थानों पर अलग-अलग खनिज पाए जाते हैं. वहीं देश में कुल खनिज उत्पादन मूल्यों का सबसे बड़ा हिस्सा ईंधन खनिजों का है, जिसमें कोयले की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा मानी जाती है.
राजस्थान को खनिज संपदा के मामले में देश का सबसे समृद्ध राज्य माना जाता है, जबकि ओडिशा दूसरे स्थान पर आता है. देश में खनिजों का वितरण हालांकि बराबर नहीं है. दामोदर घाटी क्षेत्र को सबसे बड़ा खनिज क्षेत्र माना जाता है, जहां पेट्रोलियम को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख खनिज मिलते हैं. वहीं कई राज्यों में खनिज संसाधनों की भारी कमी भी है.

कौन से हैं देश के सबसे बड़े आयरन बेल्ट?
भारत में लोह अयस्क के चार बड़े बेल्ट सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. इनमें सबसे प्रमुख ओडिशा, झारखंड बेल्ट है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले हेमेटाइट अयस्क पाया जाता है. यह क्षेत्र देश के स्टील उद्योग की रीढ माना जाता है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में दुर्ग, बस्तर क्षेत्र भी लोह अयस्क का बड़ा केंद्र है. कर्नाटक का बल्लोरी-चित्र दुर्ग बेल्ट और महाराष्ट्र-गोवा बेल्ट भी देश के प्रमुख आयरन क्षेत्र माने जाते हैं. इन क्षेत्रों से निकलने वाला खनिज देश के स्टील प्लांट्स और निर्यात दोनों के लिए बहुत अहम है.
किन राज्यों में मिलता है सबसे बड़ा कोयला और सोना?
कोयले का सबसे बड़ा उत्पादन झारखंड, पश्चिम बंगाल ,छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना में होता है. झारखंड का धनाबाद और पश्चिम बंगाल का रानीगंज कोयला उत्पादन के बड़े केंद्र माने जाते हैं. वहीं सोने की बात करें तो कर्नाटक के कोलर और हट्टी की खान सबसे ज्यादा चर्चित है. मध्य प्रदेश का पन्ना जिला हीरे के लिए जाना जाता है, जबकि झारखंड में यूरेनियम के बड़े भंडार मौजूद हैं.
