धमतरी/ पुलिस की मजबूत विवेचना और प्रभावी पैरवी के चलते नाबालिगों से दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 3000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिले में महिला एवं बाल अपराधों पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है। गंभीर अपराधों की नियमित समीक्षा, वैज्ञानिक विवेचना, त्वरित साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत प्रस्तुतीकरण के कारण धमतरी पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है।
तीन अलग-अलग मामलों में कठोर सजा
थाना अर्जुनी प्रकरण
थाना अर्जुनी के अपराध क्रमांक 113/2025 में आरोपी तोरण लाल जोशी (24 वर्ष), निवासी ग्राम दोनर, थाना अर्जुनी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(5), 65(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए न्यायालय ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
थाना भखारा प्रकरण
थाना भखारा के अपराध क्रमांक 87/2025 में आरोपी सागर उर्फ करण साहू (21 वर्ष), निवासी ग्राम गुहेली, चौकी कण्डका, जिला बेमेतरा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 64(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत दोषसिद्ध पाए जाने पर 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया।

थाना सिहावा प्रकरण
थाना सिहावा के अपराध क्रमांक 46/2025 में आरोपी नरेंद्र कुमार मंडावी (21 वर्ष), निवासी ग्राम भंडारवाड़ी, थाना दुगली, जिला धमतरी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत दोषी पाते हुए न्यायालय ने 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
विवेचना अधिकारियों को मिलेगा सम्मान
तीनों मामलों की विवेचना निरीक्षक प्रमोद अमलतास, उप निरीक्षक कपिश्वर पुष्पकार एवं सहायक उप निरीक्षक दुलाल नाथ द्वारा गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की गई। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन, पीड़िताओं एवं गवाहों के सशक्त बयान और प्रभावी न्यायालयीन प्रस्तुतीकरण के चलते आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली।
उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा तीनों विवेचना अधिकारियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
वर्ष 2026 में 9 मामलों में सख्त सजा
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में अब तक धमतरी पुलिस पॉक्सो एक्ट के कुल 09 मामलों में आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दिलाने में सफल रही है। इनमें थाना सिटी कोतवाली धमतरी, चौकी बिरेझर, थाना सिहावा और थाना मगरलोड के मामले शामिल हैं।
धमतरी पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
