चार बच्चे पैदा करें और उनमें से एक को आरएसएस को समर्पित कर दें. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी से जुड़े नेताओं की मौजूदगी में दिए गए इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. इस विवाद के बीच आइए जानते हैं कि आज भारत में हिंदुओं के बीच असल जन्म दर क्या है.
हिंदुओं की प्रजनन दर
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के डेटा के मुताबिक भारत में हिंदुओं के बीच कुल प्रजनन दर अभी 1.94 है. यह रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से काफी कम है. यह वह स्तर है जिसे आबादी में बिना किसी गिरावट के उसे स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है. आसान शब्दों में कहें तो इसका मतलब यह है कि औसतन हिंदू परिवार आज आबादी के स्तर को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए जरूरी बच्चों की संख्या से कम बच्चे पैदा कर रहे हैं.

दूसरे धार्मिक समुदायों से तुलना
डेटा से यह पता चलता है कि अलग-अलग समुदायों में यह दर अलग-अलग है. जहां हिंदुओं के दर 1.94 है, वहीं मुसलमानों की 2.36 है. अगर ईसाईयों की बात करें तो यह दर 1.88 है और सिखों की 1.61. इसी के साथ जैनियों की 1.60 और बौद्धों की 1.39 है. हालांकि जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में सभी समुदायों में प्रजनन दर लगातार कम हुई है. ऐसा सिर्फ धार्मिक कारणों की वजह से नहीं बल्कि बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलावों की वजह से भी हुआ है.
