रायपुर/ भारतमाला परियोजना में कथित मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने कुरुद क्षेत्र में भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर दबिश दी।
मिली जानकारी के अनुसार, तीन गाड़ियों में पहुंचे 10 से अधिक अधिकारियों ने चंद्राकर के घर पर पहुंचकर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को मिली शिकायत में भूपेंद्र चंद्राकर पर भारतमाला परियोजना के तहत मुआवजा वितरण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने न केवल अभनपुर क्षेत्र में, बल्कि अपने करीबियों के नाम पर विभिन्न तहसीलों में करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलवाया।

बताया जा रहा है कि इस मामले में दस्तावेजों के साथ विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई है। इसी कड़ी में ईडी ने एक जमीन कारोबारी समेत उससे जुड़े आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर भी छापेमारी की है।
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय के करीब 13 अधिकारियों की टीम इस कार्रवाई में शामिल है। अभनपुर स्थित एक जमीन कारोबारी के घर और कार्यालय में भी जांच की गई। विभागीय सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि भूपेंद्र चंद्राकर ने अभनपुर के कायाबांधा क्षेत्र में करोड़ों रुपये का मुआवजा प्राप्त किया है।
इसके अलावा दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड तहसील में भी उनके करीबियों को करोड़ों रुपये के मुआवजे दिलाने के आरोप सामने आए हैं। फिलहाल ईडी की जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
