बढ़ाते भू राजनीतिक तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हाल ही में हुई नाकाबंदी के बीच समुद्री आवाजाही पर पूरी दुनिया की नजर है. एक बड़ी घटना में पाकिस्तान का झंडा लगा एक टैंकर इस अहम रास्ते को सफलतापूर्वक पार कर गया. इसी बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर होर्मुज स्ट्रेट से पाकिस्तान पहुंचने में एक जहाज को कितना समय लगता है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
दूरी और समय
पाकिस्तान में कई बंदरगाह हैं. इसी के साथ होर्मुज स्ट्रेट से उनकी दूरी अलग-अलग है. यही वजह है कि यात्रा का समय इस बात पर निर्भर करता है कि जहाज कहां जा रहा है.
ग्वादर बंदरगाह
होर्मुज स्ट्रेट से पाकिस्तान का सबसे नजदीकी बंदरगाह ग्वादर है. इसकी दूरी 400 से 600 किलोमीटर के बीच है. औसत रफ्तार से चलने पर जहाज 18 से 24 घंटे के अंदर ग्वादर पहुंच सकते हैं. इस तरह होर्मुज स्ट्रेट को पार करने के बाद यह सबसे तेजी से पहुंचा जा सकने वाला बंदरगाह है.
कराची बंदरगाह
कराची पाकिस्तान का सबसे व्यस्त बंदरगाह है और थोड़ी ज्यादा दूरी पर स्थित है. होर्मुज स्ट्रेट से इसकी थोड़ी लगभग 1200 किलोमीटर है. सामान्य परिस्थितियों में जहाज को इस रास्ते को पार करने के बाद कराची पहुंचने में लगभग 36 से 48 घंटे लगते हैं.

रफ्तार सुरक्षा और समुद्री परिस्थितियों पर निर्भर करती है
यात्रा का समय तय नहीं होता. यह मौसम, समुद्री यातायात और सुरक्षा नियम जैसे कारकों पर निर्भर करता है. इस जगह में मौजूद तनाव को देखते हुए जहाज सावधानी से या फिर सुरक्षा घेरे में आगे बढ़ सकते हैं. इससे यात्रा का समय थोड़ा बढ़ सकता है.
सामान्य स्थिति लौटने के संकेत
युद्ध विराम और होर्मुज स्ट्रेट के आंशिक रूप से फिर से खुलने की खबरों के बाद जहाजों ने फिर से आवाजाही शुरू कर दी है. हाल ही में कुछ जहाज तय समय सीमा के अंदर सफलतापूर्वक कराची पहुंच गए हैं. अमेरिकी नेवी के हाल के प्रतिबंधों की वजह से जहाज मालिकों को खाड़ी से तेल और दूसरे सामान दुनिया के दूसरे हिस्सों में ले जाने के लिए ईरान और अमेरिका के सैन्य अधिकारियों से मंजूरी लेनी पड़ रही है.
