दिल्ली का नाम आते ही जहरीली हवा, स्मॉग और खतरनाक AQI की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है. हर सर्दी में राजधानी को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बताकर कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या दिल्ली अकेली है? क्या दुनिया के दूसरे कोनों में हवा सांस लेने लायक है? हालिया आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली से भी बदतर हालात वाले शहर मौजूद हैं, जहां AQI जानलेवा स्तर तक पहुंच चुका है.
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राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में एक बार फिर प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है. शनिवार को दिल्ली स्मॉग की मोटी परत में लिपटी नजर आई, वहीं सुबह के समय हल्का कोहरा भी छाया रहा.
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हवा की गति बेहद कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे रहे, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स तेजी से बिगड़ गया. ठंड का असर भी साफ दिखा और लोगों को सुबह-शाम कड़ाके की ठिठुरन महसूस हुई.
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अक्सर अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बताया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि वैश्विक स्तर पर दूसरे और तीसरे स्थान के शहर भी बेहद खतरनाक हालात से गुजर रहे हैं.
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ये रैंकिंग स्थायी नहीं होती और मौसम, हवा की दिशा, औद्योगिक गतिविधियों और ट्रैफिक के आधार पर बदलती रहती है. हालिया 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान का लाहौर अक्सर दुनिया के दूसरे सबसे प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया है.
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यहां AQI कई बार 450 से 460 तक दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर माना जाता है. लाहौर में वाहनों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने का असर सर्दियों में स्मॉग के रूप में दिखता है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है.
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तीसरे सबसे प्रदूषित शहर की बात करें तो यह स्थान समय-समय पर बदलता रहता है. बांग्लादेश की राजधानी ढाका अक्सर इस सूची में तीसरे नंबर पर देखी जाती है, जहां AQI 316 से 318 तक रिकॉर्ड किया गया है.
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वहीं, मिस्र की राजधानी काहिरा भी कई बार इस श्रेणी में आती है, हालांकि वहां AQI लगभग 160 के आसपास दर्ज हुआ है, जो ढाका और लाहौर से कम लेकिन फिर भी अस्वस्थ माना जाता है.
