राजधानी रायपुर में क्रिसमस सेलिब्रेशन को लेकर माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब हिंदू संगठनों से जुड़े कुछ लोगों ने एक मॉल में जमकर हंगामा किया. आरोप है कि मॉल में घुसकर न सिर्फ तोड़फोड़ की गई, बल्कि वहां काम कर रहे कर्मचारियों के नाम और धर्म पूछकर उन्हें डराया-धमकाया भी गया. पूरी घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
बुधवार (24 दिसंबर) को रायपुर के मैग्नेटो मॉल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर अंदर घुस आए. मॉल में क्रिसमस सेलिब्रेशन के लिए सजावट की जा रही थी. आरोप है कि इन लोगों ने सजावटी सामान तोड़ा, डेकोरेशन को नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों को काम रोकने पर मजबूर कर दिया.
कर्मचारियों से नाम और धर्म पूछने का आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह है कि उपद्रव करने वालों ने मॉल के कर्मचारियों को एक-एक कर रोककर उनके नाम और धर्म पूछे. कर्मचारियों के आई-कार्ड भी चेक किए गए और गैर-हिंदू कर्मचारियों को धमकाने की बात सामने आई है. इस पूरी घटना से खासतौर पर महिला कर्मचारी काफी डर गईं.

मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई. कर्मचारियों का कहना है कि अचानक हुए इस हमले से वे कुछ समझ ही नहीं पाए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते रहे.
दरअसल, छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर हाल ही में कांकेर में हुई घटनाओं के बाद हिंदू संगठनों ने प्रदेशव्यापी बंद का ऐलान किया था. इसी के तहत होटल और मॉल संचालकों को क्रिसमस सेलिब्रेशन न करने की चेतावनी भी दी गई थी. बंद के दौरान जब कार्यकर्ताओं ने मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस की तैयारियां देखीं, तो वे उग्र हो गए और यह हंगामा हुआ.
मॉल को 20 लाख तक का नुकसान
मॉल प्रशासन का कहना है कि इस तोड़फोड़ में करीब 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. इवेंट्स से जुड़ी तैयारियां पूरी तरह बर्बाद हो गईं. मॉल मैनेजमेंट के मुताबिक, मॉल बंद था और केवल सफाई व डेकोरेशन का काम चल रहा था, इसके बावजूद भीड़ जबरन अंदर घुसी.
घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची. हालांकि आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में भी उपद्रवी नहीं रुके. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करीब 30 से 40 लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोषियों की गिरफ्तारी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
