धमतरी/ अपने विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चतकालीन हड़ताल पर गए मितानिन संघ ने मंगलवार को कलेक्टोरेट के सामने बरसते पानी में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिलेभर के लगभग 16 सौ मितानिनों ने हिस्सा लिया।
मोदी की गारंटी पत्र में मितानिनों के लिए किए गए वादे और मितानिन कार्य को एनजीओ को देने का विरोध करते हुए प्रदेश के सभी – मितानिन 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जिसमें मितानित, मितानिन प्रशिक्षक हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लाक कॉआर्डिनेटर शामिल हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम था।
धमतरी में जिले की लगभग 16 सौ मितानिन जनपद कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए कलेक्टोरेट के सामने पहुंची। जहां पर उन्हें रोक दिया गया। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। नगरी तहसील की अध्यक्ष हेमलता साहू ने बताया कि मोदी की गारंटी में भाजपा ने यह वादा किया था कि मितानिनों को केन्द्र सरकार के अंतर्गत स्थाई करने हेतु प्रयास करेंगे। मितानिन कर्मचारियों की मासिक मानदेय राशि में 50 प्रतिशत वृद्धि करेंगे। मितानिन कार्यक्रम के सभी पदों को एनएचएम में संविलियन करेंगे परंतु अब तक नहीं हो पाया है। अब मितानिन कार्यक्रम का संचालन एनजीओ को दिया जा रहा है जिसका विरोध करते हैं। हड़ताल की वजह से जमीनी स्तर की सभी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित है। विशेषकर प्रसव, टीकाकरण, हितग्राहियों के घर जाकर बीपी, शुगर लेना, अस्पताल ले जाना सहित शासन की कई योजनाएं प्रभावित है।