जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन गांधी मैदान में
धमतरी/ छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के आव्हान पर 18 अगस्त से प्रदेश के समस्त एनएचएम कर्मचारी अपने लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन गांधी मैदान में किया जा रहा है। हड़ताल पर जाने से जिले में कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभाव्रित हुई है।
17 जुलाई 2025 को हुए विधानसभा घेराव में अंतिम ज्ञापन दिया गया था जिसमें 15 अगस्त तक सरकार ओर से मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 18 अगस्त से प्रदेशभर के 16,000 से अधिक एनएचएम
कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार एवं कलमबंद हड़ताल जाने की बात कही गई थी। मांगों पर विचार नहीं करने पर 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन गांधी मैदान धमतरी में किया जा रहा है। इस बार संघ ने आपातकालीन सेवाओं को भी पूर्णतः बंद रखने क निर्णय लिया है। इस संबंध में संघ द्वारा शासन को पूर्व में ही सूचना दे दी गई है। पदाधिकारियों ने बताया जिले में 593 एनएचएम के कर्मचारी हैं। हड़ताल पर चले जाने से सुदूर अंचलों में जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई है।
एनएचएम कर्मचारियों की प्रमुख मांगेः
संविलियन/स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे का निर्धारण, कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता, लंबित 27% प्रतिशत वेतन वृद्धि, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकम्पा नियुक्ति। मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा दी जाए, स्थानांतरण नीति बनाई जाए, न्यूनतम 10 लाख केसलेश चिकित्सा बीमा हो।
20 वर्षों की सेवा, फिर भी उपेक्षा
एनएचएम कर्मचारी विगत 20 वर्षों से प्रदेश के सुदूर अंचलों से लेकर प्रमुख शासकीय संस्थानों में स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ बने हुए हैं। कोविड-19 महामारी जैसे संकट में भी इनकी भूमिका अतुलनीय रही है। इसके बावजूद, आज भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है, जबकि अन्य राज्यों में इसी मिशन के कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हैं।
की गई वैकल्पिक व्यवस्था
जिला अस्पताल में एनएचएम के 92 कर्मचारी हैं, सभी हड़ताल पर चले गए हैं, जिसमें 40 नर्स हैं। जिला अस्पताल सलाहकार गिरीश कश्यप ने बताया कि 57 रेगुलर नर्स है उनको तीन शिफ्ट में रोटेशन के आधार पर ड्यूटी लगाई है ताकि किसी प्रकार की परेशानी ना हो। नर्सिंग विद्यार्थियों का सहयोग लिया जा रहा है।