धमतरी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक सकारात्मक और रोमांचक खबर सामने आई है। लंबे समय बाद इस रिजर्व में एक बाघ की मौजूदगी कैमरे में दर्ज की गई है, जिससे वन विभाग उत्साहित है और पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
ट्रैप कैमरे में कैद हुआ टाइगर
15 अगस्त की सुबह, सीतानदी टाइगर रिजर्व के जंगलों में लगे ट्रैप कैमरे में एक बाघ की तस्वीर स्पष्ट रूप से कैद हुई है। टाइगर के इस दृश्य को वन अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए सालों बाद बाघ की वापसी के संकेत के रूप में देखा है। उप निदेशक वरुण जैन ने इसे वन विभाग और पूरे प्रदेश के लिए “खुशी का पल” बताया।
कई वर्षों बाद फिर बाघ की हलचल
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई सालों से टाइगर की प्रत्यक्ष मौजूदगी नहीं देखी गई थी। हालांकि समय-समय पर पगचिन्हों और हलचल की जानकारी जरूर मिलती रही, लेकिन अब पहली बार ट्रैप कैमरे में साफ तौर पर बाघ नजर आया है। इससे पहले जुलाई में उत्तर सिंगपुर के जंगल में भी बाघ के पगचिन्ह पाए गए थे।
वन विभाग सतर्क, गांवों को किया अलर्ट
बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने, जंगल की ओर न जाने और बच्चों को बाहर खेलने से मना किया गया है। तड़के सुबह और देर शाम के समय जंगल की ओर न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि यदि बाघ दिखे या किसी मवेशी का शिकार हो, तो तुरंत विभाग को इसकी सूचना दें। बिना उकसावे के टाइगर पर कोई कार्रवाई न करें, क्योंकि यह एक संरक्षित वन्य जीव है।
वन विभाग की अपील:
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सुबह-शाम जंगल की ओर न जाएं
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बच्चों को घर के आसपास रखें
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टाइगर दिखने पर तुरंत सूचना दें
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मवेशियों को खुला न छोड़ें
वरुण जैन, उप निदेशक, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व का बयान:
“स्वतंत्रता दिवस के दिन टाइगर का ट्रैप कैमरे में दिखना हम सभी के लिए खुशी की बात है। यह हमारी मेहनत का नतीजा है। लेकिन इसके साथ ही हमने गांवों को सतर्क रहने की हिदायत भी दी है।”