बिहार के गया में चिरैयाटांड़ स्थित अपने आवास पर, जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने 15 अगस्त को झंडोत्तोलन किया. झंडोत्तोलन के बाद राजद सांसद ने भाषण दिया. भाषण के दौरान वह यह भूल गए कि 79वां स्वतंत्रता दिवस को क्या कहते हैं. तब समर्थकों ने बताया कि उन्यासी यानी 79वां स्वतंत्रता दिवस है.
भाषण में अपना ज्ञान देते हुए सांसद ने बताया कि महात्मा गांधी ने ‘हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब भाई हैं’ का नारा दिया था. हम लोग भाई-भाई थे. देश पर उन लोगों ने कब्जा कर लिया है जो अंग्रेजों से माफी मांगकर नाथूराम गोडसे का बॉन्ड भरकर छूटे थे. यह देश को जबरदस्ती गुलाम बना लिया गया है, चालबाजी से, पैसे के बल पर, धन-बल के सहारे.
सांसद का दावा 17 साल बाद देश में मारकाट और बर्बादी
सांसद ने कहा, “मैं उनसे नफरत करता हूं, खुले मंच और खुले विचार से. महागठबंधन की ओर से मैं उन लोगों से नफरत करता हूं, क्योंकि इस देश को दो आदमी बेचने वाले हैं और दो आदमी खरीदने वाले हैं. आने वाले दिनों में इस देश का बहुत बुरा हश्र होगा. श्रीलंका, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी ज्यादा बुरा हाल होगा.”
उन्होंने कहा कि आज से 17 साल बाद इस देश में हर आदमी आपस में लड़ाई और मारकाट करेगा. भाईचारा समाप्त हो जाएगा और देश गुलामी की ओर बढ़ जाएगा. क्योंकि देश को दो आदमी बेचने वाले और दो आदमी खरीदने वाले हैं. यह छुपा हुआ नहीं है.
सुरेंद्र प्रसाद यादव का विवादित बयान
सुरेंद्र प्रसाद यादव ने विवादित बयान देते हुए कहा कि कोई भी गुजरात का आदमी आर्मी में भर्ती नहीं होता है, क्योंकि वह जानता है कि हम सीधे घोटाला करेंगे और मलाई खाएंगे. विजय माल्या से लेकर नीरज चोकसी तक, जितने आज तक घोटालेबाज हुए हैं, सब गुजरात के हैं. गुजरात के लोग आज भी मलाई खा रहे हैं. आगे प्रयास है कि यह देश को गुलाम बना लें.
उन्होंने कहा कि वोट के माध्यम से काटकूट की जा रही है, रोहिंग्या मुसलमान के नाम पर. मुसलमानों ने देश के लिए सबसे ज्यादा बलिदान दिया है. जब यह देश अंग्रेजों के हाथों में गुलाम था, तब सबसे ज्यादा खून मुसलमानों ने बहाया था. आज उसी मुसलमान को और साथ ही उन हिंदुओं को जो कमजोर, गरीब और लाचार हैं, उन्हें भी वोटर लिस्ट से नाम काटकर रोहिंग्या मुसलमान बताने का प्रयास जारी है. कोर्ट को धन्यवाद देते हुए कहा गया कि कोर्ट ने संज्ञान लिया है कि नाम कैसे काट दोगे. साबित करने के बाद ही नाम कटेगा.