धमतरी/ प्रदेश के कोटवार अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से शासन का ध्यान आकर्षित कराते आ रहे हैं, लेकिन मांगों का निराकरण नहीं होने से उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के कोटवारों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर धमतरी के गांधी मैदान में एक दिवसीय धरना दिया और शासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
कोटवार संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश दास मानिकपुरी एवं संरक्षक राजेंद्र देवदास ने बताया कि कोटवारों का पद आजादी से पहले से चला आ रहा है। कोटवार शासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हुए ग्रामीण स्तर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करते हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल पाया है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी कोटवारों को बीमा, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। वहीं, नाममात्र के पारिश्रमिक में परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। संघ ने शासन से कोटवारों की समस्याओं का समाधान करते हुए उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की है।
कोटवारों की प्रमुख मांगें
1. नियमितीकरण एवं राजस्व विभाग में संविलियन: कोटवारों को नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा देते हुए राजस्व विभाग में संविलियन किया जाए, ताकि उन्हें बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी सहित अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ मिल सके।
2. न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक: कोटवारों को चार वर्गों में बांटकर पारिश्रमिक निर्धारित करने की व्यवस्था को संघ ने अव्यावहारिक बताया है। उनकी मांग है कि सभी कोटवारों को एक समान श्रेणी में रखते हुए कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जाए।
3. नगरीय निकाय क्षेत्रों में नियुक्ति पर प्रतिबंध हटाना: संघ के अनुसार, गांवों के नगर पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद वहां कोटवारों की नई नियुक्तियों पर प्रतिबंध की स्थिति बन जाती है। इससे संबंधित परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संघ ने इस प्रतिबंध को हटाकर नियुक्ति की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
4. लंबित मांगों का निराकरण: संघ ने शासन से कोटवारों की लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।

धरना में बड़ी संख्या में शामिल हुए कोटवार
गांधी मैदान में आयोजित धरने में एमनदास मानिकपुरी, मोहित अग्रवाल, घनश्याम रायपुरिया, तीरथ कुमार, राजेंद्र कुमार, सुभाष नागरची, श्यामलाल गंधर्व, कोमल सिंह, भगवान सिंग, जुगल किशोर, पवन नागरची, रोशन दास, सुरेश नागरची, नंदकिशोर कामड़े, धर्मदास मानिकपुरी, धरमू राम नेताम, राजकुमार चालकी, तेज राय देवदास, दीनदयाल, चंद्रपाल और मोहन मरकाम सहित जिले के अनेक कोटवार उपस्थित रहे।
कोटवारों ने अपनी मांगों को लेकर शासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने वाले कोटवारों को सम्मानजनक पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे आर्थिक सुरक्षा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
