निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर राहत-बचाव की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश
रायपुर/जिला प्रतिनिधि। महानदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व), तहसीलदारों, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों तथा जल संसाधन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने विशेष रूप से महानदी किनारे बसे गांवों में मुनादी, सूचना तंत्र और स्थानीय अमले के माध्यम से ग्रामीणों को समय-समय पर जलस्तर की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रखी जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और राहत-बचाव की तैयारी
कलेक्टर ने अधिकारियों को निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। आपात स्थिति उत्पन्न होने पर विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ग्राम स्तर पर कोटवार, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अमले को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर में अचानक वृद्धि या बाढ़ जैसी स्थिति की जानकारी समय रहते ग्रामीणों तक पहुंचाई जा सके।

अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
कलेक्टर श्री मिश्रा ने नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों एवं निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचना पर भरोसा करें।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जलस्तर बढ़ने, बाढ़ की आशंका या किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत अथवा प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता और राहत कार्य शुरू किए जा सकें।
कलेक्टर ने कहा कि सावधानी और समय पर सूचना ही आपदा के दौरान सबसे बड़ी सुरक्षा है। प्रशासन द्वारा संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
