धमतरी/ धमतरी पुलिस को एनडीपीएस एक्ट के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। माननीय न्यायालय ने नशीली कैप्सूल की अवैध बिक्री के मामले में आरोपी शेख फिरोज उर्फ फिज्जू (42 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों, गांजा और अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का अहम परिणाम मानी जा रही है। पुलिस द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान, मजबूत साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय से यह कठोर सजा सुनिश्चित हुई।
ऐसे हुआ था खुलासा
जानकारी के अनुसार, 17 जून 2023 को थाना कुरूद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चरमुड़िया पुल स्थित संगवारी ढाबा के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी शेख फिरोज उर्फ फिज्जू, निवासी रिसाईपारा, धमतरी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 72 पत्तों में कुल 576 नग नशीली कैप्सूल तथा बिक्री की 210 रुपये नकद राशि बरामद की गई। जब्त मशरूका की कुल कीमत 4,332 रुपये आंकी गई। मामले में थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 413/2023 के तहत धारा 21(B) एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

मजबूत विवेचना बनी सजा का आधार
मामले की विवेचना तत्कालीन सहायक उपनिरीक्षक (सउनि.) संतोषी नेताम ने की। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में मजबूत केस प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध कर कठोर सजा सुनाई गई।
विवेचना अधिकारी होंगे सम्मानित
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी साक्ष्य संकलन के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी सउनि. संतोषी नेताम को 500 रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पुलिस का संदेश
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रभावी अनुसंधान और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को कानून के तहत कठोरतम दंड दिलाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
