Power Consumption in UP: उत्तर प्रदेश में इस समय सूरज के कड़े तेवरों के साथ भीषण गर्मी और हीटवेव का दौर जारी है. इस तपिश ने राज्य के लोगों का जीना तो दूभर किया ही है, साथ ही बिजली नेटवर्क की भी कड़ी परीक्षा ले ली है. भीषण उमस के कारण घरों और दफ्तरों में कूलर, एसी का लगातार इस्तेमाल हो रहा है, जिससे पावर ग्रिड पर अचानक दबाव बेहद बढ़ गया है. इतिहास में पहली बार राज्य की बिजली मांग ने सारे पुराने आंकड़े ध्वस्त कर दिए हैं और यह देश में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है. आइए जानें कि राज्य वाले एक दिन में कितनी बिजली का खपत करते हैं.
हर दिन नया इतिहास बना रही बिजली की खपत
उत्तर प्रदेश में सूरज के तीखे तेवरों और जानलेवा हीटवेव ने आम जनजीवन को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है. इस तपती गर्मी से राहत पाने के लिए घरों और दफ्तरों में दिन-रात चल रहे एसी और कूलर ने बिजली नेटवर्क पर दबाव अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया है. हालत यह है कि राज्य में बिजली की मांग और खपत हर दिन एक नया इतिहास रच रही है. बिजली की इस छलांग ने प्रबंधन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है, जिससे निपटने के लिए पूरे सरकारी अमले को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.

UPPCL के सामने कितनी बिजली की डिमांड
राज्य में जारी भीषण गर्मी और उमस के कारण उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड UPPCL के सामने बिजली आपूर्ति को बनाए रखने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. हाल ही में रविवार रात को पीक ऑवर्स के दौरान राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 31,804 मेगावाट दर्ज की गई थी, जिसने कुछ ही समय में आगे बढ़कर 31,824 मेगावाट के नए आंकड़े को छू लिया. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी मांग है. महज 24 घंटे के भीतर मांग में 1,400 मेगावाट की अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है, जिसने तकनीकी ढांचे को हिलाकर रख दिया है.
