धमतरी/ उदंती सीता नदी अभ्यारण क्षेत्र के अंतर्गत सिहावा थाना क्षेत्र के ग्राम जैतपुरी में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में उपनिदेशक (डीएफओ) वरुण जैन और विभागीय कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। घटना के बाद तत्काल सिहावा थाना पुलिस को सूचना देकर अतिरिक्त बल बुलाया गया।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार 18 मई को उदंती सीता नदी अभ्यारण के उपनिदेशक वरुण जैन अपनी टीम के साथ ग्राम जैतपुरी पहुंचे थे। वन विभाग यहां वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले 166 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि जैसे ही विभागीय टीम गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों पर हमला कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख विभागीय अधिकारी और कर्मचारी किसी तरह मौके से बाहर निकले और तत्काल पुलिस सहायता मांगी। सूचना मिलते ही सिहावा थाना से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे में हुआ था बड़ा खुलासा
वन विभाग के अनुसार सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वे के जरिए यह खुलासा हुआ था कि सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर वन्यप्राणी क्षेत्र तथा महानदी कैचमेंट एरिया में पिछले 15 वर्षों के दौरान लगभग 1 लाख पेड़ों की अवैध कटाई कर 106 हेक्टेयर (करीब 265 एकड़) वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2011 में जहां लगभग 45 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिक्रमण था, वहीं अब यह बढ़कर 106 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। विभाग के मुताबिक अतिक्रमणकारियों के पास राजस्व भूमि पहले से मौजूद है, इसके बावजूद वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही थी।
वन विभाग ने बताया कि पहले इस क्षेत्र में प्रति हेक्टेयर करीब 1000 पेड़ मौजूद थे, जो अब घटकर केवल 25 से 50 पेड़ प्रति हेक्टेयर रह गए हैं। इससे बड़े पैमाने पर जंगल कटाई की पुष्टि हुई है।
166 लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला
वन विभाग ने ग्राम जैतपुरी के 166 लोगों के खिलाफ POR क्रमांक 15/10, 15/11, 15/12 और 15/13 के तहत प्रकरण दर्ज कर बेदखली नोटिस जारी किया था। इसी कार्रवाई के तहत गिरफ्तारी के लिए टीम गांव पहुंची थी।
पांच आरोपी गिरफ्तार
डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने उनकी टीम पर हमला कर दिया। पुलिस की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया है। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
