धमतरी/ 21 अप्रैल जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में दो वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके आरक्षकों के लिए एक पारदर्शी और सुव्यवस्थित स्थानांतरण प्रक्रिया अपनाई गई है।
इस पहल के तहत धमतरी, कुरुद और नगरी अनुभाग सहित पुलिस लाइन, यातायात, कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय, साइबर थाना, अजाक और महिला सेल में लंबे समय से पदस्थ आरक्षकों का एक खुला सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में आरक्षकों से उनकी पसंद के अनुसार तीन थाना या चौकी के विकल्प भरवाए गए।
प्राप्त विकल्पों और कार्यमूल्यांकन के आधार पर कुल 192 आरक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें से 121 और 71 आरक्षकों की दो अलग-अलग सूचियां जारी कर उन्हें विभिन्न थाना-चौकियों और रक्षित केंद्र में पदस्थ किया गया है।
प्रशासन ने इस दौरान विशेष सावधानी बरती कि जिन आरक्षकों की विशेषज्ञता किसी विशेष कार्य में महत्वपूर्ण है, उनके स्थानांतरण से संबंधित इकाई के कामकाज पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। ऐसे मामलों में प्रशासनिक कारणों से उन्हें यथावत रखा गया है।
गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में यह पहली बड़ी स्थानांतरण सूची है। इससे पहले केवल सीमित स्तर पर, मुख्यतः शिकायतों के आधार पर ही छोटे स्तर के ट्रांसफर किए गए थे।
साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया कि आरक्षकों के बच्चों का शैक्षणिक सत्र पूर्ण हो चुका हो, ताकि स्थानांतरण का उनके परिवार और शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
पुलिस विभाग के अनुसार, इस पारदर्शी और संतुलित प्रक्रिया से न केवल कार्यकुशलता में वृद्धि होगी, बल्कि पुलिस बल का मनोबल और सेवा संतुष्टि भी बेहतर होने की उम्मीद है।
