ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है. होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे जरूरी तेल मार्गों में से एक माना जाता है, वहां एक बड़ी घटना सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की नौसेना ने इस क्षेत्र से गुजर रहे दो जहाजों पर फायरिंग की, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वे भारतीय थे. हालांकि, इन जहाजों की राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. जानकारी के मुताबिक, जब ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तभी ईरानी गनबोट्स ने उन पर गोलीबारी की, इस घटना के बाद दोनों जहाजों को अपना रास्ता बदलकर वापस जाना पड़ा. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने भी इस घटना की पुष्टि की है. साथ ही किसी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहा. ऐसे में आइए जानते हैं कि जिन भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग उनमें क्या लदा था.
जहाजों पर क्या सामान लदा था?
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन दो जहाजों का जिक्र किया जा रहा है, उनमें से एक बहुत बड़ा तेल टैंकर (VLCC – Very Large Crude Carrier) था. इस टैंकर में लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल (crude oil) लदा हुआ बताया गया है. यह तेल इराक का था, जिसे किसी अन्य देश या बंदरगाह तक ले जाया जा रहा था. यह जहाज सामान्य मालवाहक नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर तेल परिवहन करने वाला सुपर टैंकर था. दूसरे जहाज के बारे में भी यही दावा किया जा रहा है कि वह एक कॉर्मशियल जहाज था, लेकिन उसके कार्गो की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
ईरान का दावा क्या रहा?
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने दो भारतीय जहाजों को रोककर उन्हें पश्चिम दिशा की ओर वापस जाने के लिए मजबूर किया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि गोलीबारी के बाद जहाजों को आगे बढ़ने नहीं दिया गया. टैंकर ट्रैकिंग वेबसाइट्स का भी दावा है कि रेडियो चैनल 16 पर बातचीत में इस घटना की जानकारी मिली, जिसमें जहाजों को रास्ता बदलने के निर्देश दिए गए.

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है. होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे जरूरी तेल मार्गों में से एक माना जाता है, वहां एक बड़ी घटना सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की नौसेना ने इस क्षेत्र से गुजर रहे दो जहाजों पर फायरिंग की, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वे भारतीय थे. हालांकि, इन जहाजों की राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. जानकारी के मुताबिक, जब ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तभी ईरानी गनबोट्स ने उन पर गोलीबारी की, इस घटना के बाद दोनों जहाजों को अपना रास्ता बदलकर वापस जाना पड़ा. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने भी इस घटना की पुष्टि की है. साथ ही किसी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहा. ऐसे में आइए जानते हैं कि जिन भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग उनमें क्या लदा था.
जहाजों पर क्या सामान लदा था?
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन दो जहाजों का जिक्र किया जा रहा है, उनमें से एक बहुत बड़ा तेल टैंकर (VLCC – Very Large Crude Carrier) था. इस टैंकर में लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल (crude oil) लदा हुआ बताया गया है. यह तेल इराक का था, जिसे किसी अन्य देश या बंदरगाह तक ले जाया जा रहा था. यह जहाज सामान्य मालवाहक नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर तेल परिवहन करने वाला सुपर टैंकर था. दूसरे जहाज के बारे में भी यही दावा किया जा रहा है कि वह एक कॉर्मशियल जहाज था, लेकिन उसके कार्गो की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
ईरान का दावा क्या रहा?
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने दो भारतीय जहाजों को रोककर उन्हें पश्चिम दिशा की ओर वापस जाने के लिए मजबूर किया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि गोलीबारी के बाद जहाजों को आगे बढ़ने नहीं दिया गया. टैंकर ट्रैकिंग वेबसाइट्स का भी दावा है कि रेडियो चैनल 16 पर बातचीत में इस घटना की जानकारी मिली, जिसमें जहाजों को रास्ता बदलने के निर्देश दिए गए.
