Breaking

धमतरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दुर्गा पंडाल के पास से चोरी हुई सीबी शाइन बाइक बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार…

धमतरी: तेंदुए का आतंक, कारीपानी में दो महिलाओं समेत तीन ग्रामीण घायल; दो जिला अस्पताल रेफर…

यूको बैंक में 530 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट उम्मीदवार 29 अक्टूबर तक करें आवेदन…

दिवाली पर मिठाई नहीं, 2,000 रुपये से कम में गिफ्ट करें ये टेक गैजेट्स…

PC गेमर्स का इंतजार जल्द हो सकता है खत्म, GTA 6 पर आई नई रिपोर्ट…

आपके ईयरबड्स भी हो सकते हैं गंदे, जानें कब और क्यों करें साफ…

वॉटर प्यूरीफायर का फिल्टर कब बदलना चाहिए, जानें किन संकेतों पर ध्यान दें?

क्या सच में सेफ हैं फ्री VPN ऐप्स, कहीं डेटा चोरी तो नहीं कर रहे?

सर्दियों में गीजर चलाने से पहले तुरंत कर लें ये काम, टल जाएगा बड़ा हादसा…

शराब घोटाले में कांग्रेस नेता पर ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, संपत्ति अटैच…

नवोदय विद्यालय कुरूद में नशामुक्ति और साइबर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को बताए बचाव के उपाय…

धमतरी में गरबा आयोजकों की बैठक, निगम आयुक्त ने सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था पर दिए निर्देश…

गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह के तीसरे दिन 9 आंदोलनकारियों की बिगड़ी तबीयत, जिला अस्पताल में भर्ती…

राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में धमतरी पुलिस की पहल, विद्यार्थियों ने जाना थाने का कामकाज…

धमतरी पुलिस की कार्रवाई: कुरुद में सट्टा खिलाते 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, ₹3,100 नगद जब्त…

धमतरी में अवैध पटाखा कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.20 लाख रुपये के पटाखे जब्त…

धमतरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 2019 से फरार अपहरण एवं दुष्कर्म का आरोपी रायपुर से गिरफ्तार, अलीगढ़ से पीड़िता बरामद…

WhatsApp पर अनजान कॉल का खतरा, तुरंत बदलें ये 2 Settings…

Jio से टक्कर के बीच मस्क का दांव, भारत में किफायती होगा Starlink?

धमतरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ओडिशा के कत्लखाने ले जाए जा रहे 14 मवेशियों को कराया मुक्त, आरोपी गिरफ्तार…

दुनिया के साथ 6G की रेस में भारत, Jio ने जताई शुरुआती रोलआउट की उम्मीद…

धमतरी में ATM कार्ड बदलकर 90,500 रुपये की ठगी, कार्ड बंद कराने के बाद भी खाते से निकले 20,500 रुपये…

धमतरी: कार में 8 किलो गांजा बरामद, कुरुद पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार…

राष्ट्रीय एकता दिवस पर धमतरी पुलिस की अनूठी पहल, रक्षित केंद्र और थाना कुरूद में चलाया स्वच्छता अभियान…

महंगी चिप्स का iPhone 18 Pro पर असर, Apple ने 15% घटाए ऑर्डर…

कनाडा ने रोका अमेरिका जाने वाला रक्षा फंड, क्या और भी देश अमेरिकी सेना को भेजते हैं पैसा?

Share

US Military Funding: एक बड़े रणनीतिक बदलाव के तहत कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यह संकेत दिया है कि कनाडा अब अपने रक्षा खर्च का 70% अमेरिकी कंपनियों की तरफ नहीं भेजेगा. इस कदम का उद्देश्य कनाडा के अपने रक्षा उद्योग को मजबूत करना और संयुक्त राज्य अमेरिका पर निर्भरता को कम करना है. लेकिन इससे एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या दूसरे देश भी अमेरिकी सेना को पैसे भेजते हैं? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

कनाडा अपने रक्षा खर्च पर दोबारा विचार क्यों कर रहा है? 

दरअसल कनाडा के इस फैसले की जड़ में आत्मनिर्भरता का विचार है. सालों से उसके रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी हथियार और प्रणालियों को खरीदने में खर्च होता रहा है. अब ओटावा उस खर्च को घरेलू उत्पादन की तरफ मोड़ना चाहता है. ऐसा इसलिए ताकि रोजगार बढ़ें और उसकी अपनी सैन्य क्षमता विकसित हो.

एक और बड़ी वजह निर्भरता को कम करना है. अमेरिकी रक्षा आपूर्तिकर्ता पर काफी ज्यादा निर्भर रहने से वैश्विक तनाव या फिर व्यापारिक विवाद के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. स्थानीय स्तर पर निवेश करके कनाडा एक निश्चित भू राजनीतिक माहौल में अपनी सैन्य स्वतंत्रता को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखता है.

 

 

क्या देश सीधे तौर पर अमेरिकी सेना को फंड देते हैं?

आमतौर पर अमेरिका दूसरे देशों को सैन्य सहायता देता है. हालांकि कई मामलों में देश आर्थिक रूप से योगदान देते हैं. ये योगदान आमतौर पर लागत साझेदारी, बुनियादी ढांचे का समर्थन या फिर रक्षा खरीद के रूप में दिए जाते हैं.

अमेरिकी सैनिकों के लिए भुगतान 

जिन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे होते हैं वे अक्सर उनके रखरखाव का आर्थिक बोझ साझा करते हैं. जैसे जापान वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों के समर्थन के लिए सालाना लगभग 2 बिलियन डॉलर का योगदान देता है. इसमें उपयोगिता,  स्थानीय कर्मचारियों के वेतन और बुनियादी ढांचे की लागत शामिल है. ठीक इसी तरह दक्षिण कोरिया रक्षा समझौते के तहत हर साल $1 बिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि देता है.

जर्मनी का आर्थिक समर्थन 

जर्मनी भी काफी योगदान देता है. लेकिन यह योगदान अप्रत्यक्ष रूप से होता है. वह अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बुनियादी ढांचे, हवाई अड्डे और उपयोगिता के रखरखाव पर सालाना एक बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करता है. इसके अलावा वह टैक्स छूट और जमीन तक पहुंच भी देता है. इससे अमेरिकी सेना की लागत कम हो जाती है.

रक्षा खरीद 

सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देश के साथ कई देश अमेरिका से अरबों डॉलर के हथियार खरीदते हैं. यह खरीद सीधे तौर पर अमेरिकी सेना को फंड नहीं देती बल्कि अमेरिकी रक्षा उद्योग को जोरदार समर्थन देती है. इसी के साथ नाटो के तहत सदस्य देश अपनी आर्थिक क्षमता के आधार पर एक साझा बजट में योगदान देते हैं. अमेरिका और जर्मनी दोनों ही नाटो की परिचालन लागत में लगभग 16% का योगदान देते हैं. इसी तरह बाकी सदस्य भी सामूहिक रक्षा का भार साझा करते हैं.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

हाल की खबरे

  • All Post
  • एजुकेशन
  • क्राइम
  • छत्तीसगढ़
  • देश-दुनिया
  • धमतरी
  • नगर निगम
  • पॉलिटिक्स
  • मनोरंजन
  • मुख्य पृष्ट
  • स्पोर्ट्स
Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में