मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर होर्मुज स्ट्रेट पर पड़ा है. जहाजों के फंस जाने की वजह से ईंधन आपूर्ति बाधित हुई है. काफी लोग ऐसा सोचते हैं कि जहाज अपनी पूरी यात्रा के दौरान अपने इंजन बिना रुके चलते रहते हैं. लेकिन असलियत इससे काफी अलग है. आइए जानते हैं क्या है पूरा सच.
इंजन खास समय पर बंद किए जाते हैं
जहाज के इंजन कई स्थितियों में बंद कर दिए जाते हैं. जब कोई जहाज लंबे समय के लिए किसी बंदरगाह पर खड़ा होता है तो उसे आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं होती. इस वजह से मुख्य इंजन को बंद कर दिया जाता है. ठीक इसी तरह रख रखाव और मरम्मत के काम के दौरान अंदरूनी हिस्सों की जांच और सर्विसिंग के लिए इंजन को पूरी तरह से बंद करना जरूरी होता है. इसी तरह ईंधन भरने के दौरान भी सुरक्षा कारणों की वजह से इंजन को अक्सर बंद कर दिया जाता है.

कुछ इंजन हमेशा चलते रहते हैं
भले ही मुख्य इंजन बंद हो लेकिन जहाज पूरी तरह से कभी भी शांत नहीं होते. सहायक इंजन लगभग हर समय चलते रहते हैं. यह जनरेटर रोशनी, एयर कंडीशनिंग, नेविगेशन के उपकरण और संचार के उपकरणों जैसे जरूरी सिस्टम को बिजली देते हैं. इस वजह से भले ही जहाज को आगे बढ़ने का काम रुका हुआ हो लेकिन वह पूरी तरह से कभी बंद नहीं होते.
जहाज का इंजन चालू करना मुश्किल
गाड़ियों के उलट, जहाज के इंजन काफी बड़ी और जटिल मशीन होते हैं. उन्हें चालू करने के लिए कंप्रेस्ड हवा के सिस्टम और सावधानी से तैयारी की जरूरत होती है. इसमें अक्सर कई घंटे लग जाते हैं. इसी वजह से अगर किसी जहाज को जल्द ही रवाना होना होता है तो ऑपरेटर इंजन को बंद करके दोबारा चालू करने के बजाय उसे चालू ही रखना पसंद कर सकते हैं.
बार-बार इंजन बंद करने से उसे नुकसान पहुंच सकता है
बड़े समुद्री इंजन लंबे समय तक लगातार चलने के लिए बनाए जाते हैं. उन्हें बार-बार बंद करने और चालू करने से उनके हिस्सों पर जोर पड़ता है. साथ ही वे से घिस सकते हैं. यह भी एक वजह है कि जहाज कभी-कभी इंजन तब भी चालू रखते हैं जब उनकी सख्त जरूरत नहीं होती.
जब भी कोई जहाज खुले पानी में लंगर डालकर खड़ा होता है तो उसका मुख्य इंजन आमतौर पर पूरी तरह से नहीं चलता. वह स्टैंडबाय मोड में रखा जाता है. इससे जहाज के कर्मचारियों को जरूरत पड़ने पर इंजन को तेजी से दोबारा चालू करने में आसानी होती है.
