धमतरी/ 21 अगस्त गंगरेल जलाशय के फुटहामुड़ा क्षेत्र में स्थापित मछली पालन केजों को आर्द्रभूमि क्षेत्र से हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्यवाही माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के अनुसार पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर की गई।
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31 हितग्राहियों के 570 केज स्थानांतरित कर खिड़कीटोला, डांगीमाचा और गंगरेल लास्ट गार्डन में पुनः स्थापित किए गए।
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शेष 204 केजों का स्थानांतरण आगामी 7 दिनों में पूरा किया जाएगा।
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यह कार्यवाही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत की गई।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण:
बैरकपुर के वैज्ञानिकों से स्थानीय जैव विविधता पर प्रभाव का आकलन कर नीतिगत निर्णय लिया गया।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का बयान:
“यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि हितग्राहियों को दीर्घकालिक लाभ भी सुनिश्चित करेगी। गंगरेल क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की आवाजाही भी बिना बाधा जारी रह सकेगी। यह कदम सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है।”