हरियाणा सरकार ने भीवानी की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐलान कर दिया है. बीते सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शनों और परिवार की मांगों के बीच बुधवार (20 अगस्त) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ये ऐलान किया.
उन्होंने कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी. इस बीच दिल्ली AIIMS में तीसरा पोस्टमॉर्टम हुआ और आज (21 अगस्त) को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया.
क्या है पूरा मामला?
मनीषा 11 अगस्त को स्कूल से निकलने के बाद लापता हो गई थी और 13 अगस्त को उसका शव खेत में मिला. शुरुआती पोस्टमॉर्टम भीवानी और रोहतक PGIMS में हुए थे, लेकिन परिवार ने जांच पर सवाल उठाए.
पुलिस के अनुसार, मनीषा की मौत जहर खाने से हुई और उसके पास से आधार कार्ड, दस्तावेज व एक कथित सुसाइड नोट भी मिला. हालांकि परिजनों ने आत्महत्या की थ्योरी को नकारते हुए हत्या की आशंका जताई है.
धरना-प्रदर्शन के बाद सरकार ने मानी मांग
गांव धानी लक्ष्मण में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था और AIIMS में पोस्टमॉर्टम व CBI जांच की मांग रखी थी. मंगलवार (19 अगस्त) तक प्रदर्शन जारी रहा, जिसके चलते प्रशासन को इंटरनेट और SMS सेवाएं भी 48 घंटे के लिए बंद करनी पड़ीं. आखिरकार जब सरकार ने मांगें मान लीं तो प्रदर्शन खत्म हुआ. आज (21 अगस्त) गांव में अंतिम संस्कार किया गया जिसमें मनीषा का पूरा परिवार मौजूद रहा.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस मामले पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया और विपक्षी दल कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी. भाटिया ने कहा कि आयोग परिवार के साथ खड़ा है और हर पहलू से जांच होगी.
वहीं कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इसे आत्महत्या बताने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है. ग्रामीण अब CBI जांच से संतुष्ट हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि मनीषा की मौत सच्चाई क्या है.