धमतरी/ 18 अगस्त जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘आदि कर्मयोगी’ अभियान के तहत धमतरी जिले के जनजातीय बाहुल्य ग्रामों के विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इस अभियान का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित जनजातीय समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं को पहुंचाना है।
हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में धमतरी जिले के 7 अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लेकर डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रमाणित प्रशिक्षण प्राप्त किया। आज इन सभी अधिकारियों ने कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा से सौजन्य भेंट की। कलेक्टर ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मिशन 2047 की दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे जनजातीय समुदायों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
इन विभागों से जुड़े हैं मास्टर ट्रेनर:
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देवेंद्र वासनिक – आदिवासी विकास विभाग
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महेश मरकाम – महिला एवं बाल विकास विभाग
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शशि ठाकुर – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
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बी.के. लकरा – वन विभाग
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चैतन्य ध्रुव – पंचायत विभाग
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कमलेश ध्रुव – शिक्षा विभाग
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नर्मदा सिन्हा – स्वास्थ्य विभाग
इन अधिकारियों ने बताया कि पहले योजनाएं विभागीय स्तर पर बिखरी हुई थीं, लेकिन अब समन्वित कार्यशैली अपनाकर प्रत्येक ग्राम में सप्ताहिक बैठकें होंगी, जिससे ज़मीनी समस्याएं पहचान कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के तीन स्तंभ — आदि कर्मयोगी (प्रशिक्षित अधिकारी), आदि सहयोगी (स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता) और आदि साथी (हितग्राही) मिलकर जनजातीय गांवों की विकास योजनाओं का संचालन करेंगे।
धमतरी जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति ‘कमार’ वर्ग के लिए 130 बसाहटों और 108 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महा अभियान (PM JANMAN) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसमें व्यक्तिगत दस्तावेज़ से लेकर बिजली, पानी, सड़क और आवास जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने भी अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा जताई।