उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिलचस्प घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं. मामला विधानसभा के पास का है, जहां उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद की सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करती हुई खड़ी मिली. गाड़ी को विधानसभा परिसर के पास नो पार्किंग जोन में खड़ा किया गया था. जब विधानसभा का सत्र चल रहा था, उस समय ट्रैफिक पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए गाड़ी को क्रेन से उठाकर ले जाने का काम किया.
यह पूरा वाकया वहां मौजूद लोगों और मीडिया कर्मियों के कैमरे में कैद हो गया. गाड़ी को क्रेन पर लादते हुए जैसे ही तस्वीरें और वीडियो सामने आए, सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल होने लगा. लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे. किसी ने इसे ट्रैफिक पुलिस की सख्ती बताया तो किसी ने मंत्री की गाड़ी पर हुई कार्रवाई को “कानून सबके लिए बराबर” का उदाहरण बताया.
जानकारी के अनुसार, मंत्री संजय निषाद की फॉर्च्यूनर विधानसभा गेट नंबर 7 के पास नो पार्किंग क्षेत्र में खड़ी थी. ट्रैफिक पुलिस ने रूटीन चेकिंग के दौरान इसे देखा और तुरंत कार्रवाई करते हुए क्रेन बुलाकर गाड़ी को उठवा लिया. खास बात यह रही कि गाड़ी मंत्री की थी, बावजूद इसके पुलिस ने कोई ढील नहीं दी.
मंत्री ने पुलिस की पार्किंग से छुड़वा ली गाड़ी
हालांकि बाद में गाड़ी ट्रैफिक पुलिस की पार्किंग से छुड़वा ली गई, लेकिन तब तक इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा का विषय बन चुके थे. विपक्षी दलों ने भी इस पर तंज कसा और कहा कि अगर मंत्री की गाड़ी नो पार्किंग से हट सकती है तो आम जनता को भी इस तरह की उम्मीद रखनी चाहिए कि नियम सब पर बराबरी से लागू हों.