धमतरी/ 11 अगस्त धमतरी जिले में केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ़्त बिजली योजना आम जनता के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। इस योजना के तहत लोग न केवल महंगे बिजली बिल से राहत पा रहे हैं, बल्कि सौर ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं। दानिटोला वार्ड निवासी हेमलता साहू की कहानी इसका सटीक उदाहरण है।
हेमलता साहू ने योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किया है। करीब 2 लाख रुपये की लागत वाले इस संयंत्र के लिए उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और वे आत्मनिर्भर बन सकीं।
हेमलता बताती हैं कि पहले उनका मासिक बिजली बिल 1500 से 2000 रुपये तक आता था, लेकिन अब वह पूरी तरह शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, जो अतिरिक्त बिजली उत्पन्न हो रही है, उसे नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड में भेजा जा रहा है, जिससे भविष्य में उन्हें अतिरिक्त आय भी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बैंक ऋण भी मात्र 7% ब्याज दर पर उपलब्ध हो रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए यह संयंत्र लगाना आसान हो गया है।
✅ योजना की मुख्य बातें:
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संयंत्र की क्षमता के अनुसार ₹30,000 से ₹78,000 तक की सब्सिडी
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पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन: pmsuryaghar.gov.in या मोबाइल ऐप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन
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पंजीकृत वेंडर का चयन, संयंत्र की स्थापना और सत्यापन के बाद सीधी सब्सिडी उपभोक्ता के बैंक खाते में
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नेट मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की सुविधा
हेमलता साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“सौर ऊर्जा से न केवल हमारी जेब पर से बिजली खर्च का बोझ खत्म हुआ है, बल्कि हम स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण में भी योगदान दे रहे हैं।”
धमतरी में हेमलता जैसी कई महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं, जो यह सिद्ध करता है कि यदि सरकारी योजनाएं सही तरीके से लागू हों और लोगों की भागीदारी हो, तो बड़ा बदलाव संभव है।