Breaking

सीजी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट 29 अप्रैल को होगा जारी, शिक्षा मंत्री ने की घोषणा…

धमतरी में ऑनलाइन IPL सट्टा गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार…

धड़ाम से गिरी iPhone 15 की कीमत! Amazon या Flipkart नहीं, अब यहां से खरीदने पर होगी सबसे ज्यादा बचत…

iPhone हुआ फेल? Android के ये धांसू फीचर्स रोजमर्रा के काम में आते हैं काम, जानेंगे तो बदल जाएगा नजरिया…

Share Market: शेयर मार्केट की तेजी पर लगा ब्रेक, 208 अंक नीचे खुला सेंसेक्स; निफ्टी भी 42 अंक नीचे…

बिना रिचार्ज कराए कितने दिन बाद बंद हो जाता है SIM कार्ड? सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप…

World Poorest Countries: ये हैं दुनिया के सबसे गरीब देश, जानें पाकिस्तान किस पायदान पर…

ईरान ने भेजा ऐसा प्रस्ताव, टेंशन में आए ट्रंप, जानें अमेरिका के सामने तेहरान ने रखीं कितनी शर्तें?

ऑयल-फ्री नेशन बनने की कगार पर खड़ा यह देश, पेट्रोल पंपों पर लग रहे ताले; बिना तेल के दौड़ेगी अर्थव्यवस्था…

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला: धमतरी पुलिस की मजबूत पैरवी से आरोपी को 20 वर्ष की सजा…

Hindu Birth Rate: धीरेंद्र शास्त्री के ‘चार बच्चे पैदा करो’ वाले बयान पर बवाल, जानें अभी देश में क्या है हिंदुओं का बर्थ रेट?

Kohinoor History: भारत से कोहिनूर हीरा लूट ले गया था ईरान का यह शासक, फिर कैसे आया था वापस?

धमतरी में भारतमाला परियोजना घोटाले को लेकर ईडी की बड़ी कार्रवाई…

Shubman Gill Salary: एक मैच के लिए कितनी फीस लेते हैं शुभमन गिल, ऋतुराज गायकवाड़ से ज्यादा या कम?

बालोद रोड पर चलती बस बनी आग का गोला, बारातियों ने कूदकर बचाई जान…

गर्मी में ज्यादा बच्चे पैदा होते हैं या सर्दी में, प्रजनन क्षमता पर मौसम का क्या होता है असर?

AI Scams में तेज इजाफा, आम यूजर्स के साथ-साथ बिजनेसेस को भी खतरा, सरकार ने जारी किया अलर्ट…

धमतरी: उदंती-सीतानदी रिजर्व में 47 लोगों द्वारा अतिक्रमण की कोशिश, 22 गिरफ्तार…

अब सपनों पर भी होगा आपका कंट्रोल! इस अनोखे गैजेट से होगा संभव, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश…

क्रेडिट कार्ड अब आपके मोबाइल में! PNB लाया ग्राहकों के लिए UPI पर उधारी की सुविधा…

1 घंटे में कितना बिजली खाता है Ceiling Fan, गर्मियों में इस्तेमाल करने से पहले समझ लें पूरा जोड़-गणित…

Abujhmad News: इरापनार गांव में दशकों बाद पहुंची बिजली, 56.11 लाख की परियोजना से बदली लोगों की जिंदगी…

मकई गार्डन का प्रवेश द्वार बंद होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, व्यापारियों ने जताई नाराजगी…

धमतरी में “युवा फेस्ट-2026” का भव्य समापन, दायरा बैंड की प्रस्तुति ने बांधा समां…

धमतरी में भीषण आग: पीजी कॉलेज मोड़ के पास गोदाम में लगी आग, लाखों का नुकसान…

बस कुछ इंच और फिर खत्म हो जाएगा इनका वजूद! जानें समंदर में डूबने की कगार पर कितने देश?

Share

प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक माने जाने वाले दुनिया के कई छोटे द्वीप देश आज अस्तित्व के सबसे बड़े संकट के मुहाने पर खड़े हैं. ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण जिस रफ्तार से समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, वह किसी डरावने सपने से कम नहीं है. विशेषज्ञों और शोध रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले कुछ दशकों में मालदीव, तुवालु और किरीबाती जैसे देश शायद दुनिया के नक्शे से मिट जाएं. यह केवल एक पर्यावरणीय चेतावनी नहीं है, बल्कि एक पूरे राष्ट्र के अस्तित्व के डूबने की दास्तान है, जो हमारे सामने घटित हो रही है.

1/8
मालदीव, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और नीले पानी के लिए दुनियाभर में मशहूर है, वह समुद्र तल से महज 1.5 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है. यह दुनिया का सबसे निचला देश है. नेशनल जियोग्राफिक की रिपोर्ट्स बताती हैं कि यदि समुद्र के जलस्तर में इसी गति से बढ़ोतरी जारी रही, तो 2050 तक मालदीव का 80 प्रतिशत से अधिक भूभाग जलमग्न हो सकता है.
मालदीव, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और नीले पानी के लिए दुनियाभर में मशहूर है, वह समुद्र तल से महज 1.5 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है. यह दुनिया का सबसे निचला देश है. नेशनल जियोग्राफिक की रिपोर्ट्स बताती हैं कि यदि समुद्र के जलस्तर में इसी गति से बढ़ोतरी जारी रही, तो 2050 तक मालदीव का 80 प्रतिशत से अधिक भूभाग जलमग्न हो सकता है.
2/8
यह संकट वहां की जनसंख्या के लिए विस्थापन का एक ऐसा दौर ला सकता है, जिसे संभालना वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चुनौती होगी.
यह संकट वहां की जनसंख्या के लिए विस्थापन का एक ऐसा दौर ला सकता है, जिसे संभालना वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चुनौती होगी.
3/8
प्रशांत महासागर में स्थित किरीबाती 33 प्रवाल द्वीपों (कोरल आइलैंड्स) से बना एक सुंदर देश है, जो आज बेहद नाजुक स्थिति में है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 30 से 40 वर्षों में यह देश पूरी तरह से निर्जन हो सकता है, क्योंकि समुद्र का पानी उसकी जमीन को निगलता जा रहा है.
प्रशांत महासागर में स्थित किरीबाती 33 प्रवाल द्वीपों (कोरल आइलैंड्स) से बना एक सुंदर देश है, जो आज बेहद नाजुक स्थिति में है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 30 से 40 वर्षों में यह देश पूरी तरह से निर्जन हो सकता है, क्योंकि समुद्र का पानी उसकी जमीन को निगलता जा रहा है.
4/8
इसी तरह तुवालु का हाल और भी चिंताजनक है. अनुमान है कि 2100 तक ऊंचे ज्वार के दौरान तुवालु का 95 प्रतिशत हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. इन देशों के लोग आज अपनी जमीन बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बढ़ते पानी का स्तर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है.
इसी तरह तुवालु का हाल और भी चिंताजनक है. अनुमान है कि 2100 तक ऊंचे ज्वार के दौरान तुवालु का 95 प्रतिशत हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. इन देशों के लोग आज अपनी जमीन बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बढ़ते पानी का स्तर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है.
5/8
मार्शल आइलैंड्स के लिए जलस्तर में सिर्फ एक मीटर की वृद्धि तबाही लाने के लिए काफी है. इस वृद्धि से राजधानी माजुरो की 40 प्रतिशत इमारतें स्थायी रूप से डूब सकती हैं.
मार्शल आइलैंड्स के लिए जलस्तर में सिर्फ एक मीटर की वृद्धि तबाही लाने के लिए काफी है. इस वृद्धि से राजधानी माजुरो की 40 प्रतिशत इमारतें स्थायी रूप से डूब सकती हैं.
6/8
वहीं, दक्षिण प्रशांत का देश वानुअतु भी 2100 तक पानी में पूरी तरह समाने के कगार पर है. ये देश न केवल अपने घर खो रहे हैं, बल्कि अपनी संस्कृति, इतिहास और अपनी पहचान को भी समुद्र की लहरों में विलीन होता देख रहे हैं. इन देशों के पास अपनी जमीन को बचाने के लिए बहुत सीमित भौगोलिक संसाधन हैं.
वहीं, दक्षिण प्रशांत का देश वानुअतु भी 2100 तक पानी में पूरी तरह समाने के कगार पर है. ये देश न केवल अपने घर खो रहे हैं, बल्कि अपनी संस्कृति, इतिहास और अपनी पहचान को भी समुद्र की लहरों में विलीन होता देख रहे हैं. इन देशों के पास अपनी जमीन को बचाने के लिए बहुत सीमित भौगोलिक संसाधन हैं.
7/8
समुद्र का स्तर बढ़ने के पीछे मुख्य तौर पर दो बड़े कारण जिम्मेदार है- ध्रुवों पर जमी बर्फ का तेजी से पिघलना और गर्म होने के कारण महासागरों के पानी का फैलना (थर्मल एक्सपेंशन). 2013 से 2022 के बीच समुद्र स्तर प्रति वर्ष 4.62 मिलीमीटर की दर से बढ़ा है, जो कि चिंताजनक रूप से तीव्र है.
समुद्र का स्तर बढ़ने के पीछे मुख्य तौर पर दो बड़े कारण जिम्मेदार है- ध्रुवों पर जमी बर्फ का तेजी से पिघलना और गर्म होने के कारण महासागरों के पानी का फैलना (थर्मल एक्सपेंशन). 2013 से 2022 के बीच समुद्र स्तर प्रति वर्ष 4.62 मिलीमीटर की दर से बढ़ा है, जो कि चिंताजनक रूप से तीव्र है.
8/8
इसके अलावा, ‘किंग टाइड्स’ यानी अत्यधिक ऊंचे ज्वार अब इन देशों के तटों पर पहले की तुलना में कहीं अधिक विनाशकारी साबित हो रहे हैं, जिससे जमीन का कटाव और बाढ़ की समस्या विकराल हो गई है.
इसके अलावा, ‘किंग टाइड्स’ यानी अत्यधिक ऊंचे ज्वार अब इन देशों के तटों पर पहले की तुलना में कहीं अधिक विनाशकारी साबित हो रहे हैं, जिससे जमीन का कटाव और बाढ़ की समस्या विकराल हो गई है.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में