Gold Ring Price: सोने की ज्वेलरी का मतलब हमेशा भारी नेकलेस या फिर मोटी चूड़ियां नहीं होता. आजकल कई खरीदार हल्के पीस भी पसंद करते हैं. लेकिन एक आम सवाल यह है कि क्या एक ग्राम सोने की अंगूठी भी बनाई जा सकती है. अगर हां तो मेकिंग चार्ज और टैक्स जोड़ने के बाद इसकी कुल कीमत कितनी होगी. आइए जानते हैं.
सिर्फ एक ग्राम वजन की अंगूठी बनाई जा सकती है. साथ ही यह 22 कैरेट सोने में बनेगी. यह अंगूठियां आमतौर पर पतली और डिजाइन में मिनिमलिस्ट होती हैं. इन्हें अक्सर बच्चों, सिंबॉलिक गिफ्ट देने या काफी हल्के इस्तेमाल के लिए खरीदा जाता है. लेकिन कम वजन की वजह से यह नाजुक होती हैं.

क्योंकि इसमें सिर्फ एक ग्राम सोने का इस्तेमाल होता है इस वजह से डिजाइन के ऑप्शन कम होते हैं. भारी स्टोन सेटिंग या काफी मुश्किल पैटर्न आमतौर पर मुमकिन नहीं होते. इसके अलावा 22 कैरेट सोना थोड़ा नरम होता है और इतने हल्के वजन में अंगूठी आसानी से मुड़ सकती है.
कई ज्वेलर्स पर ग्राम के हिसाब से मेकिंग चार्ज लगाते हैं. यह आमतौर पर स्टोर और कारीगरी के आधार पर ₹300 से ₹1000 प्रति ग्राम के बीच होता है. ब्रांडेड ज्वेलर्स फिनिशिंग क्वालिटी और ब्रांड वैल्यू की वजह से थोड़ा ज्यादा चार्ज कर सकते हैं.
ज्यादा आम तरीका परसेंटेज बेस्ड मेकिंग चार्ज है. ज्वेलर आमतौर पर सोने की कीमत का 3% से 25% के बीच चार्ज करते हैं. एक सिंपल एक ग्राम की अंगूठी के लिए औसतन 10% से 20% आम है. डिजाइन जितना ज्यादा मुश्किल होगा परसेंटेज उतना ही लगेगा.
सोने की अंगूठी की फाइनल प्राइस को गोल्ड प्राइस, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और हॉलमार्किंग चार्ज को जोड़कर निकाला जाता है. अभी गोल्ड और मेकिंग चार्ज की कुल वैल्यू पर 3% जीएसटी लगता है. इसके अलावा प्योरिटी सर्टिफाई करने के लिए एक छोटी हॉल मार्किंग फीस भी जोड़ी जाती है. यह लगभग ₹45 की होती है.
अगर अभी 22 कैरेट गोल्ड का रेट लगभग ₹14,500 प्रति ग्राम है तो 1 ग्राम गोल्ड की बेस कॉस्ट ₹14,500 है. 15% मेकिंग चार्ज मानते हुए यह ₹2,175 के बराबर हो जाती है. अब ₹16,675 के प्राइस पर 3% जीएसटी लगने पर लगभग ₹500 आता है. ₹45 के हॉल मार्किंग चार्ज को जोड़ने पर कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹17,220 हो जाती है.
