धमतरी/ जिले में प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की धमतरी इकाई द्वारा जबर्रा के जंगलों में नाइट ट्रैकिंग एवं कैंपिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में प्रतिभागियों को जंगल का रोमांच, प्रकृति का सानिध्य, स्थानीय आदिवासी संस्कृति और शरद पूर्णिमा की चांदनी रात का अनूठा अनुभव मिलेगा।
शनिवार दोपहर वन विभाग कार्यालय के सामने विधायक ओंकार साहू ने हरी झंडी दिखाकर ट्रैकर्स के दल को रवाना किया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के करीब 11 जिलों के अलावा राजस्थान और उत्तराखंड के यूथ हॉस्टल एसोसिएशन के सदस्य भी शामिल हो रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ट्रैकर्स को रवाना करते हुए विधायक ओंकार साहू ने कहा कि यूथ हॉस्टल एसोसिएशन हमेशा से पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता के लिए अभियान चलाता रहा है। इस तरह के आयोजन लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी कराते हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रैकिंग के दौरान प्रतिभागियों को प्राकृतिक वातावरण को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में सफाई अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचेगा।

नदी किनारे कैंपिंग और कैंप फायर का होगा आयोजन
कार्यक्रम के तहत ट्रैकर्स शाम को जबर्रा पहुंचेंगे। यहां जंगलों में ट्रैकिंग करने के साथ रात में नदी किनारे कैंपिंग और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में प्रकृति के बीच समय बिताना इस आयोजन का खास आकर्षण रहेगा। अगले दिन सुबह ट्रैकिंग करते हुए प्रतिभागी वापस लौटेंगे।
इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को जंगलों की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने के साथ स्थानीय परिवेश और संस्कृति को समझने का अवसर भी मिलेगा।
स्थानीय आदिवासी संस्कृति से रूबरू होंगे प्रतिभागी
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन धमतरी इकाई के अध्यक्ष हुकुमचंद जैन और सचिव सुबोध महावर ने बताया कि नाइट ट्रैकिंग और कैंपिंग को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। जबर्रा पहुंचने के बाद प्रतिभागी स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली से परिचित होंगे। नदी किनारे कैंप फायर सहित विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के लगभग 11 जिलों के साथ राजस्थान और उत्तराखंड के सदस्य भी हिस्सा ले रहे हैं। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिभागियों को आपस में जुड़ने और धमतरी की प्राकृतिक सुंदरता से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

पर्यटन विकास की दिशा में एक और पहल
जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर और वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बीच यह आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जबर्रा के जंगलों में नाइट ट्रैकिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों से क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।
प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण, स्थानीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के साथ इस तरह के आयोजन धमतरी को साहसिक पर्यटन के संभावित गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में योगदान दे सकते हैं।
