Strait of Hormuz Closure: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह से बंद होने की संभावना एक बार फिर से बड़ी चिंता बन चुकी है. दुनिया का लगभग एक तिहाई समुद्री कच्चा तेल और वैश्विक एलएनजी आपूर्ति का एक जरूरी हिस्सा हर दिन इस रास्ते से होकर गुजरता है. अगर होर्मुज के जरिए शिपिंग पूरी तरह से बंद हो जाती है तो दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट, तेल की बढ़ती कीमत और आर्थिक व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है.
क्यों है यह रास्ता इतना जरूरी?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा गलियारों में से एक है. यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, इराक और कतर जैसे बड़े तेल उत्पादक देश अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात के लिए इस रास्ते पर निर्भर हैं. लंबे समय के व्यवधान से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में काफी कमी आएगी, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी और दुनिया भर में ईंधन की लागत बढ़ जाएगी.
वैकल्पिक पाइपलाइन जो होर्मुज को बाईपास कर सकती हैं
हालांकि कोई भी रास्ता होर्मुज को पूरी तरह से रिप्लेस नहीं कर सकता लेकिन कई पाइपलाइन खाड़ी देशों को स्ट्रेट का इस्तेमाल किए बिना अपने तेल का कुछ हिस्सा निर्यात करने की अनुमति देते हैं.
सऊदी अरब की पूर्व पश्चिम पाइपलाइन
सऊदी अरब पूर्व पश्चिम पाइपलाइन का संचालन करता है. यह अपने पूर्वी तेल क्षेत्र को कच्चे तेल को यानबू के लाल सागर बंदरगाह तक पहुंचाता है. पाइपलाइन प्रतिदिन लगभग 5 मिलियन बैरल तेल ले जा सकती है. इससे होर्मुज से गुजरे बिना निर्यात की अनुमति मिलती है.

संयुक्त अरब अमीरात की अबू धाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन
यूएई की पाइपलाइन हबशान को ओमान की खाड़ी पर फुजैराह बंदरगाह से जोड़ती है. यह हर रोज लगभग 1.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल का परिवहन कर सकता है. इससे होर्मुज से हटकर निर्यात संभव हो सकेगा.
मिस्र की SUMED पाइपलाइन
यह पाइपलाइन लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है. इससे स्वेज नहर को दरकिनार करते हुए यूरोप तक तेल शिपमेंट की अनुमति मिलती है. इसकी वहन क्षमता लगभग 2.5 से 2.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन है.
केप ऑफ गुड होप के जरिए लंबा समुद्री रास्ता
अगर पाइपलाइन क्षमता अपर्याप्त है तो तेल टैंकरों को केप ऑफ गुड होप के जरिए अफ्रीका के चारों ओर एक लंबा समुद्री रास्ता लेना होगा. अफ्रीकी महाद्वीप से यूरोप, एशिया या फिर अमेरिका की तरफ रवाना होने से पहले जहाज फुजैरा या फिर यानबू जैसे बंदरगाहों से कच्चा तेल लादेंगे.
