धमतरी/ छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ और औषधियाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘सही दवा, शुद्ध आहार – यही छत्तीसगढ़ का आधार’ थीम पर 15 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 11 मई तक पूरे जिले में चलाया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में सुरक्षित खाद्य सामग्री और मानक दवाओं की बिक्री सुनिश्चित करना है। साथ ही खाद्य व्यवसायियों और दवा विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों एवं औषधि अधिनियम 1945 के नियमों के प्रति जागरूक करना और आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य व दवा उपयोग के लिए प्रेरित करना भी इसका लक्ष्य है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक कुमार अग्रवाल और कलेक्टर धमतरी अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर अभियान के प्रभावी संचालन के लिए दो संयुक्त टीमों का गठन किया गया है।
स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर कार्रवाई
अभियान के दूसरे दिन मंगलवार को टीम ने गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक, चाट और गुपचुप सेंटर सहित विभिन्न स्ट्रीट फूड वेंडर्स की जांच की। मेघा और मगरलोड क्षेत्र में कुल 34 दुकानों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान साहू होटल, बिकानेर जलेबी, विजय होटल, लक्की होटल, जगदीश नास्ता सेंटर, ध्रुवंशी नास्ता सेंटर तथा मगरलोड के पवन फल भंडार और डोमार भोजनालय में खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में रखने और परोसने की अनियमितता पाई गई। संबंधित संचालकों को इसके दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए चेतावनी दी गई और मौके पर अखबारी कागज नष्ट करवाया गया।

डोमार भोजनालय में फिश फ्राई में अखाद्य जलेबी रंग का उपयोग पाए जाने पर संबंधित सामग्री को नष्ट कर संचालक को सख्त हिदायत दी गई।
मेडिकल एजेंसियों का भी निरीक्षण
संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न थोक औषधि विक्रय संस्थानों का भी निरीक्षण किया। साईनाथ मेडिकल एजेंसी, नागेश मेडिकल एजेंसी, विनायक मेडिकल एजेंसी, बालाजी मेडिकल, राज मेडिकल एजेंसी, हिंद मेडिकल एजेंसी और शर्मा मेडिकल एजेंसी में जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान दवा क्रय-विक्रय अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग रिकॉर्ड, भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस शर्तों के पालन की जांच की गई। एक फर्म से औषधि का नमूना भी लिया गया।
प्रशासन की अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य व कॉस्मेटिक उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों से ही सामग्री खरीदें और बिल अवश्य लें।
