धमतरी/ राज्य शासन द्वारा संचालित सुशासन तिहार एवं आगामी जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्रभावी ढंग से संपादित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत आगामी तीन माह तक कोई भी शासकीय सेवक बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के अवकाश पर नहीं जा सकेगा।
जिला कलेक्टर अबिनाश मिश्रा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश स्वीकृत किए जाने से पहले संबंधित अधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी। बिना पूर्व स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित रहने पर इसे स्वैच्छिक अनुपस्थिति माना जाएगा, जिसे सेवा नियमों के तहत “ब्रेक इन सर्विस” के रूप में दर्ज किया जा सकता है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी शासकीय सेवकों को यथासंभव फोन या डिजिटल माध्यम से पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। साथ ही, कार्यालय में पुनः उपस्थित होने पर इसकी तत्काल पुष्टि करना भी जरूरी रहेगा।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुशासन तिहार और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की सफलता के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और नियमित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है।
